Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kavi sandesh by dr indu kumari

 शीर्षक -कवि संदेश  दिल हाथ में लिए घूमते हो,  ऐ मेरे देश के युवा कवि।  तु रौशनी फैलाने आए हो  …


 शीर्षक -कवि संदेश 

Kavi sandesh by dr indu kumari

दिल हाथ में लिए घूमते हो, 

ऐ मेरे देश के युवा कवि। 

तु रौशनी फैलाने आए हो 

जैसे आसमानों में रवि  ।

क्यूं श्रृंगारिकता में भूल रहे 

कर्तव्य परायणता को अभि 

मची है जग में हाहाकार 

क्यों बिगार रहे हो छवि 

नजरें टिकी है सबकी तुझ पर 

ऐ मेरे देश के युवा  कवि 

चला कलम उजागर कर दे 

ढेर समस्या की झड़ी 

दिखा राह दीपक बन जा 

ऐ मेरे देश के भावी कवि 

प्रेम रस में भींगा -भींगाकर 

सच की आईना दिखा अभि 

हर पहलू से अवगत करा दे 

ऐ मेरे देश के युवा कवि। 

          स्व रचित 

डॉ. इन्दु कुमारी 

              हिन्दी विभाग मधेपुरा बिहार 

9431084142


Related Posts

हाय रे गंतव्य जीवन – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 22, 2021

 हाय रे गंतव्य जीवन चली अचानक गई यहां से, जिसका कोई विश्वास नहीं, अंधकार में टटोल रहा हो , जैसे

लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह

November 22, 2021

 लॉक लगा के रखना चलो अब हम चलते है। ख्याल अपना रख लेना। किए मुझसे वादे पूरे कर मेरे यादों

मेरी काव्य धारा-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 22, 2021

 मेरी काव्य धारा मेरी काव्य धारा में, डूबा प्रेम तुम्हारा है , रचना भी तुम्हारी है, प्रणय भी तुम्हारा है 

दूसरा विकल्प ज्यादा पसंदीदा है-जितेंद्र कबीर

November 22, 2021

 दूसरा विकल्प ज्यादा पसंदीदा है सोशल  मीडिया के दुनिया में आगमन के बाद  आ गई है हम सबके हाथ एक

संत शिरोमणी नानक देव -डॉ इंदु कुमारी

November 22, 2021

 संत शिरोमणी नानक देव सिखों के प्रथम गुरु  संत शिरोमणी नानक देव बहाए प्रेम की  गंग सदैव प्रकाश पूंज फैलाने

प्यार की डोर-डॉ इंदु कुमारी

November 22, 2021

 प्यार की डोर हम सब जिनसे बँधे हुए  वो   है  प्यार   की  डोर वर्ना रिश्ते चटक  रहे है बिना   किये 

Leave a Comment