Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

kavi hona saubhagya by sudhir srivastav

कवि होना सौभाग्य कवि होना सौभाग्य की बात है क्योंकि ये ईश्वरीय कृपा और माँ शारदा की अनुकम्पा के फलस्वरूप …


कवि होना सौभाग्य

kavi hona saubhagya by sudhir srivastav

कवि होना सौभाग्य की बात है क्योंकि ये ईश्वरीय कृपा और माँ शारदा की अनुकम्पा के फलस्वरूप किसी किसी को ही मिलता है।कवि की कल्पनाशीलता विलक्षण होती है।कवि की सोच आम जन की सोच से बहुत अलग होती है।कवि की कल्पना शीलता इसी बात से महसूस हो जाती है कि वह कहीं भी किसी भी जगह से अपने सृजन का आधार ढूंढ ही लेता है।उसके लिए असंभव शब्द का कोई मतलब नहीं है।निर्जीव वस्तुओं में वह अपनी रचनाधर्मिता से प्राण फूँक देता है। उसकी सोच कब,कहाँ,कैसे अपनी सृजनात्मक क्षमता के दर्शन कर। दे,आमजन के लिए चकित करने वाला होता है।
इसके अतिरिक्त कलमकारों की भूमिका समाज, राष्ट्र में सूत्रधार जैसी होती है।उसकी लेखनी से दिशा निर्धारण तो होता ही है,दशा भी परिर्वतित होती है।
कवि हमेशा अपनी कल्पनाशीलता को धार देता रहता है सृजनात्मक क्षमता को उजागर करके भी।व्यवस्था पर चोट भी पहुँचा कर सही राह पर लाने का स्पष्ट इशारे भी करता है,तो गलत का विरोध भी अपनी लेखनी के माध्यम से करना अपना कर्तव्य भी निभाता है। बिना किसी स्वार्थ और लालच के वह बिना किसी लाभ हानि का ध्यान किए कलम का सिपाही मोर्चे पर मुस्तैद रहता है।शायद इसी लिए अधिकतर कवि/लेखक अर्थाभाव झेलते हुए भी अपने जुनून के प्रति ईमानदार बने रहते हैं,सम्मान भी पाते हैं,ऊँचा मुकाम भी हासिल करते हैं।देश दुनियां में नाम कमाते हैं।दुनियां से विदा होकर भी जिंदा रहते हैं।
कवि के लिए शैक्षिक योग्यता का बहुत योगदान नहीं है।यह एक विलक्षण क्षमता है,जो स्वमेव प्रकट होकर प्रकाशित होती है।
इसलिए कहना सत्य ही है कि कवि होना सिर्फ भाग्य नहीं सौभाग्य की बात है ।क्योंकि यह सौभाग्य ऊँच नीच, छोटे, बड़े, अमीर, गरीब ,जाति, धर्म, क्षेत्र ,स्थान या भाषा का भेद किये बिना किसी किसी को ही मिलता है।
◆ सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा(उ.प्र.)


Related Posts

बहू आएगी तो ये खुद ब खुद सुधर जाएगा

April 4, 2023

बहू आएगी तो ये खुद ब खुद सुधर जाएगा हम तो हार गए इसको सुधारते सुधारते चलो ब्याह देते बेटे

समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’

April 3, 2023

समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’ साम्प्रदायिक एजेंट अक्सर चुनावी लाभ के लिए धर्म के नाम पर

जान के दुश्मन बनते आवारा कुत्ते

April 3, 2023

जान के दुश्मन बनते आवारा कुत्ते भारत के मीडिया में लगातार ‘आवारा कुत्तों का खतरा’ सुर्खियों में रहता है। पिछले

पुरस्कारों का बढ़ता बाजार

April 3, 2023

पुरस्कारों का बढ़ता बाजार पुरस्कारों के बढ़ते बाजार के में देने और लेने वाले दोनों की भूमिका है। देने वाले

नारीवाद, भारतीय महिला और पवित्रता

April 3, 2023

नारीवाद, भारतीय महिला और पवित्रता मूल तौर पर, भारतीय महिलाएं, यहां तक कि महिलाओं के अधिकारों और समानता की समर्थक

धार्मिक जुलूसों में दंगाई – सिस्टम व्यवस्था चरमराई – जनता जनार्दन की शामत आई

April 3, 2023

दंगाई बनाम सिस्टम, पीड़ित जनता जनार्दन! धार्मिक जुलूसों में दंगाई – सिस्टम व्यवस्था चरमराई – जनता जनार्दन की शामत आई

PreviousNext

Leave a Comment