अपना कश्मीर और मधुकवि
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मधुकवि राकेश मधुर
अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा …
मधुकवि राकेश मधुर
July 3, 2021
नारी होती जहाँ नारी की पूजा , वहाँ देव बसते हैं । है वह देवी रूप जगत में , ग्रंथादिक
July 3, 2021
वैक्सीन लगवा लो भाई बुरा समय न कहकर आतापर जब आता कहर है ढाता ।कर न सकोगे फिर भरपाईवैक्सीन लगवा
July 3, 2021
जिंदगी जल धार जैसी जिंदगी के हर मोड़ पर, हम अधुरे ही रहे , चल रहा था दो चार कदम,
July 3, 2021
सुकून -ऐ-तालाश सुकून -ऐ-तालाश सबको है इस जहां में ,हर एक इंसान परेशान है खुद में बस कोई जाहिर कर
July 3, 2021
मेरा भारत मेरा प्यारा सबसे न्यारा भारत देशकल- कल करके नदिया बहती झर-झर करके झरने बहते आँखों में बसते दृश्य
July 3, 2021
वृद्धों का सम्मान मीठी वाणी बोलकर वृद्धन का सम्मान करो नाज करो संस्कारन पे मत इनका उपहास करो एक दिन