अपना कश्मीर और मधुकवि
About author
मधुकवि राकेश मधुर
अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा …
मधुकवि राकेश मधुर
October 5, 2021
“फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य
October 1, 2021
धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान
October 1, 2021
सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।
October 1, 2021
वृध्द दिवस बुढ़ापो बुढापो तो सगलां नैं आसी । ओ’ बुढापो तो घणो दोरो रे ।।
October 1, 2021
स्वर कोकिला लता मंगेशकर हुई 92 साल की स्वरों की देवी
October 1, 2021
माटी के लाल शास्त्री जय जवान जय किसान का नारा दिया यह लाल पाकिस्तान के मंसूबों को पानी फेर दिखाया