Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kash aisa ho jaye by Jitendra Kabir

 काश ऐसा हो जाए मैं सोचता हूं कि काश इस बार नवरात्रि में देवी दुर्गा जब अपने मायके  ( धरती …


 काश ऐसा हो जाए

Kash aisa ho jaye by Jitendra Kabir

मैं सोचता हूं कि काश

इस बार नवरात्रि में

देवी दुर्गा जब अपने मायके 

( धरती ) पर आएं

तो इस धरती की सब बच्चियों,

लड़कियों व महिलाओं में

अपनी शक्ति का एक अंश 

समाहित करके 

उन्हें अपनी तरह दिव्य बना जाएं,

ताकि हवस में अंधा कोई भी पुरुष

बल-प्रयोग और धोखे  से उनके ऊपर

बलात्कार न कर पाए।

या फिर कम से कम

जितने भी लोग इन दिनों

अपनी सुख-समृद्धि के लिए

कर रहे हैं देवी की पूजा-आराधना,

वो सभी लोग अपना निज स्वार्थ त्याग

समस्त औरत जात को 

इस जघन्यतम अपराध से

बचाने के लिए प्राणपण से जुट जाएं,

तो शायद उनका साल दर साल

देवी दुर्गा के रूप में

कन्याओं को पूजना सफल हो जाए।

                            जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

दोहे-भाव माधुरी-कवियित्री कल्पना भदौरिया”स्वप्निल “

March 25, 2022

दोहे-भाव माधुरी मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान | चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान || वास करें निज

अवसर!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 25, 2022

अवसर! इस अवसर को तू ना गवा, समय बहे जैसे हवा,कदर करे जब मिले अवसर,जीवन में रह जाए ना कोई

एक लेखक की कलम

March 25, 2022

एक लेखक की कलम! चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को, हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,विश्वास हो बहुत सारा,

हर क्षण की तरंग

March 25, 2022

हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है

वक्त तो सबका आता है

March 25, 2022

वक्त तो सबका आता है! वक्त तो सबका आता है, बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,पर कोई बिखर जाता

हवा मेरा संदेश पहुंचाना

March 25, 2022

कविता का शीर्षक हवा मेरा संदेश पहुंचाना ए हवा तुम उसके पास से गुजर ना, जरा रुक कर उसके हाल-चाल

Leave a Comment