Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Karva chauth by Sudhir Srivastava

 करवा चौथ मैनें अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है, हाथों में मेंहदी,पैरों में महावर सुंदर परिधानों, …


 करवा चौथ

Karva chauth by Sudhir Srivastava

मैनें अपने पति के लिए

करवा चौथ का व्रत रखा है,

हाथों में मेंहदी,पैरों में महावर

सुंदर परिधानों, आभूषणों से

खुद को खूब सजाया है।

हे चौथ मैय्या !तुम्हारी जय हो

माँ! हम पर कृपा करो

सदा सुहागिन रहने का वरदान दो

भूल चूक माफ करो,

मेरे पति के सदा स्वस्थ्य रहने का

हमें अनंत आशीर्वाद दो।

हे चंद्र देव ! दर्शन दो

आपका दर्शन हो

तभी तो मैं आपको अर्घ्य दूंगी,

पूजन आरती करूंगी,

आपका आशीर्वाद लेकर

सभी बड़ों का आशीर्वाद लूंगी,

फिर पति के हाथों जल पीकर

व्रत समाप्त करूँगी,

अपने को सौभाग्यशाली मानूंगी।

◆ सुधीर श्रीवास्तव
       गोण्डा(उ.प्र.)
     8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

कविता -गँवईयत अच्छी लगी

June 23, 2022

 कविता -गँवईयत अच्छी लगी सिद्धार्थ गोरखपुरी माँ को न शहर अच्छा लगा न न शहर की शहरियत अच्छी लगी वो

कविता – बचपन पुराना रे

June 23, 2022

 कविता – बचपन पुराना रे सिद्धार्थ गोरखपुरी ढूंढ़ के ला दो कोई बचपन पुराना रे पुराना जमाना हाँ पुराना जमाना

ये ख्वाब न होते तो क्या होता?

June 23, 2022

 कविता – ये ख्वाब न होते तो क्या होता? सिद्धार्थ गोरखपुरी झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

रक्त की बूँद!!!!

June 23, 2022

 रक्त की बूँद!!!! अनिता शर्मा रक्त की हर बूंद कीमती,रक्तदान जरूरी है।कीमती हर जान रक्त से,रक्त दान जरूरी है। समय-समय

“श्रृंगार रस”

June 22, 2022

 “श्रृंगार रस” वो लम्हा किसी नाज़नीन के शृंगार सा बेइन्तहाँ आकर्षक होता है, जब कोई सनम अपने महबूब की बाँहों

खालसा-हरविंदर सिंह ”ग़ुलाम”’

June 5, 2022

 खालसा अंतर्मन में नाद उठा है  कैसा ये विस्माद उठा है  हिरण्य कश्यप के घर देखो  हरी भक्त प्रह्लाद उठा

PreviousNext

Leave a Comment