Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kal nahi aayega by Sudhir Srivastava

 कल नहीं आयेगा अब तो इस भ्रम से बाहर निकलिए, कि कल भी आयेगा  ये ख्वाब मत पालिए। आज ही …


 कल नहीं आयेगा

Kal nahi aayega by Sudhir Srivastava

अब तो इस भ्रम से

बाहर निकलिए,

कि कल भी आयेगा 

ये ख्वाब मत पालिए।

आज ही आज रहेगा

सदा वर्तमान रहेगा,

जो कल का इंतज़ार करेगा

वो बहुत पछताएगा।

अपना आज भी गँवाएगा,

फिर बहुत पछताएगा,

मगर हाथ कुछ नहीं आयेगा,

सदा सर्वदा आज ही आज

बस नजर आयेगा,

कल का इंतजार 

बस दिवास्वप्न है,

कल भी आयेगा 

ये किसी के वश में कहाँ है?

बस आज ही आज नजर आयेगा

क्योंकि कल कभी नहीं आयेगा।

◆ सुधीर श्रीवास्तव

       गोण्डा, उ.प्र.

     8115285921

© मौलिक, स्वरचित


Related Posts

सोच में अंतर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

सोच में अंतर जितना कर सकते थे, उससे कहीं ज्यादा बढ़करकरते हैं मां – बापअपनी औलाद के लिए मगर शिकायत

हत्याओं का वर्गीकरण- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

हत्याओं का वर्गीकरण दुनिया के बहुत से देशों में सत्ता धारियों की नीतियों केविरोध में उभरी आवाजों की हत्याएं,उस देश

निडर बनो-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

निडर बनो! चुनौतियों का सामना करते हैं,सच्चाई के लिए लड़ते हैं,इंसानियत पर डट कर चलते हैंचलो निडर बनते हैं! आंसुओं

मां भारती का लाल-हेमलता दाहिया…

December 10, 2021

“मां भारती का लाल” था वीर पुत्र वो बलिदानी,देता दुश्मनों को ललकार.मुख मंडल में तेज सूर्य,आंखो में ज्वाला अंगार .रग-रग

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 10, 2021

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना

December 10, 2021

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना! उन्होंने मुझे हंसा दिया,उन्होंने मुझे रुला दिया,उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,उन्होंने मुझे

Leave a Comment