Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kaise puja? By kamal siwani bihar

 कैसी पूजा ? दया – प्रेम ना उर अंतर में , और पूजा पत्थर की । हे मानव यह कैसी …


 कैसी पूजा ?

Kaise puja? By kamal siwani bihar


दया – प्रेम ना उर अंतर में , और पूजा पत्थर की ।
हे मानव यह कैसी तेरी , भक्ति है ईश्वर की ?

रोते जन का हाल ना पूछें , बैठें जा मंदिर में ।
क्या ईश्वर का वास नहीं है , किसी जीवित नर में ?

कहता धर्म सभी प्राणी हैं , ईश्वर की ही छाया ।
तो फिर उनसे नजर फेरकर , कहाँ लगाते माया ?

भूखे को भोजन देना , प्यासे को देना पानी ।
निर्बल जन पर दया दिखाना उर ला मधुरिम बानी ।।

भटके जन को ज्ञान देकर के , सच की राह दिखाना ।
रोतों के अश्रु बूँदों को , अपने हाथ सुखाना ।।

आपके इन कर्मों से उर , कोई जो हर्षित होता ।
सत्य जानिए वही ईश को , भक्ति – पुष्प पिरोता ।।

ना कि दुनिया को दिखलाने , आडंबर अपनाना ।
तीर्थ -धाम का पता हाथ ले , उनका फेर लगाना ।।

रखकर द्वेष किसी प्राणी से , पत्थर पर शीश धारें ।
तन-मन-धन की समिधा लेकर ,सर्व उस पर वारें ।।

सत्य मानिए इससे अपना ,भला न कुछ कर सकते ।
जीवन बीत जाएगा सारा , यूँ ही राह भटकते ।।

सत्य मार्ग है क्या जीवन में , उसको तो पहचानें ।
तब फिर अपने भक्तिभाव की , परम सच्चाई जानें ।।
— — कमल सीवानी , रामगढ़ ,सीवान ,बिहार


Related Posts

गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

December 17, 2022

 गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम

Saraswati vandana basant panchami special

December 17, 2022

सरस्वती वंदना बसंत पंचमी विशेष हे विद्यादायिनी ! हे हंसवाहिनी ! करो अपनी कृपा अपरम्पार।हे ज्ञानदायिनी ! हे वीणावादिनी !बुद्धि

Maa-ki-mamta-par-kavita

December 17, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है कोई करता कोई नहीं

Pita ke pyar par kavita

December 17, 2022

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ

Tumse hai hausala

December 17, 2022

 तुमसे है हौंसला  ढलती हुई किसी शाम मेंमेरे कांधे पर अपना सर रखेबैठी हो तुम जब,तुम्हारी पलकें आंसुओं से भीगी

योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई

December 17, 2022

व्यंग्य कविता–योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई सुशासन समागम में सीएम ने यह बात बिना हिचक के

PreviousNext

Leave a Comment