Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kaisa jivan by Indu Kumari

 कैसा जीवन जीवन है समरसता की धारा छल  प्रपंचों को करें किनारा सादगी नर जीवन की पहचान मानव सब जीवों …


 कैसा जीवन

Kaisa jivan by Indu Kumari

जीवन है समरसता की धारा

छल  प्रपंचों को करें किनारा

सादगी नर जीवन की पहचान

मानव सब जीवों में बुद्धिमान

दानवी प्रवृति नहीं तेरा श्रृंगार

सुकर्म पथ पर बरसाओ प्यार

रिस्तों  की  बागडोर  संभालो

छोटी गलतियों न देखो भालो

जीवन है महासंगम की धारा

प्रेम समन्वय हो विचार धारा

मीठी बोली  इंसान  बहाओ  ना

सुखी टूटी रिस्ते फिर उगाओ ना

मरी  आत्मा को  जिलाओ  ना

समरसता की धारा बहाओ ना

धोखे नहीं तुम्हारी  फितरत है

वैमनस्यता  को दूर भगाओ ना।

डॉ.इन्दु कुमारी
   मधेपुरा बिहार


Related Posts

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

PreviousNext

Leave a Comment