Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

kaikayi manthara kavita by Anita Sharma

 कैकयी-मंथरा” राम को राम बनाने की खातिर, कैकयी-मंथरा ने दोष सहा। राम यदि अवतारी पुरुष थे तो, कैकयी-मंथरा क्या साधारण …


 कैकयी-मंथरा”

kaikayi manthara  kavita by Anita Sharma

राम को राम बनाने की खातिर,

कैकयी-मंथरा ने दोष सहा।

राम यदि अवतारी पुरुष थे तो,

कैकयी-मंथरा क्या साधारण थी?

      नहीं वे कमजोर पात्र रामायण की,

      कारक थी राम को राम बनाने की।

      कालचक्र को घुमा दिया था,

      वे भी तो असाधारण थी।

दैत्यों का वध की कारक बनने,

विधि ने उनको कारक चुन भेजा।

रामचरित को आलौकिक करने,

हरि ने उनको ही तो भेजा था।

          सभी लीला रचने आये संसार में,

          लीलाधर की लीला के अहम् पात्र।

      (अनिता शर्मा झाँसी-स्व रचित)


Related Posts

khwab kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 ख्वाब गहरी नींद में खो गये थे, बंद आँखो ने संजोए ख्वाब। बहुत गहन रात्रि थी तब, घर की चार

Bada dil sabke pas nhi hota by Jitendra kabir

July 19, 2021

 बड़ा दिल सबके पास होता नहीं अपनी जरूरत से बढ़कर पैसा होता है बहुतों के पास लेकिन किसी जरूरतमंद की 

Berojgari by dr indu kumari

July 19, 2021

 बेरोजगारी  बेरोजगारी के मार से  युवा दल बेहाल है।  जितने भी है रोजगार  योजना से नेता गण निहाल है।  जनता

Thor Kavita by R.S. meena

July 19, 2021

ठोर बेटियों पर अत्याचार, चारों तरफ हैं फैलें ठोर । जाहिलों को विद्वान, तो विद्वानों को समझे ठोर ।। रक्षा

Murdo ki basti by R.S. meena

July 19, 2021

मुर्दों की बस्ती जुल्म करना तो यहाँ ,हैवानों की मस्ती हैं । मिटा दे खानदान को, वो बड़ी हस्ती हैं

Barish by satish samyak

July 19, 2021

बारिश हे बारिश  बार बार मत आया कर । जब जब  तुम आती हो  तब बंद हो जाता है  धयाड़ी

Leave a Comment