Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Kabir par kavita by cp gautam

कबीरदास पर कविता  होश जब से सम्भाला , सम्भलते गयेआग की दरिया से निकलते गयेफेंकने वाले ने फेंक दिया किचड़ …


कबीरदास पर कविता 

Kabir par kavita by cp gautam
होश जब से सम्भाला , सम्भलते गये
आग की दरिया से निकलते गये
फेंकने वाले ने फेंक दिया किचड़ में
कँवल बन के निकले और खिलते गये

जात धर्म के लड़ाई में एक वीर भी  था
कहते हैं बीते ज़माने में एक कबीर भी था
सताया दबाया किसी को नहीं
चेताया जगाया निकलते गये
होश……आग…..

सिखाना चाहा प्रेम की भाषा
लोग ठहरे कर गये परिभाषा
जलाया ज्ञान का मशाल
लोग बदले कि बदलते गये
होश……आग…….

लोग खड़े थे उनके विरोध में
आखिर क्या कह दिया उसने
जो लगे हैं लोग शोध में
कारवां बनाया कि लोग मिलते गये
होश….आग……

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई
लोग रटते है भाई भाई
न जाने क्यों लोग फिसल कर गिरते हैं
क्या इन रिस्तो पे जमी है काई
आधा सच ,झूठा सच को सच में बदल दिया
जलाया ज्ञान का मशाल
लोग बदले कि बदलते गये
होश…आग…

अपना दर्द पराया दर्द सब एक हैं
खुद से प्यार करना सिख लो
रिश्ते तो अनेक हैं
मीठी वाणी बोलने में खर्च लगता है क्या ?
समझाया कि लोग समझते गये
होश…..आग…..

गुरू मिल गये रामानंद
हो गये कबीर आनंद
चलाया कबीर पंथ
लोग जुड़े कि जुड़ते गये
होश जब से सम्भाला सम्भलते
आग कि दरिया से निकलते गये
फेंकने वाले ने फेंक दिया कीचड़
कँवल बन के निकले और खिलते गये

कवि सी.पी. गौतम


Related Posts

कोशिश- अनीता शर्मा

November 23, 2021

 “कोशिश” कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। हिम्मत से आगे बढ़ कर प्रयत्न करते जाना है। मन में

आहत – सुधीर श्रीवास्तव

November 23, 2021

 आहत  कितना आसान है  किसी को आहत करना, जले पर नमक छिड़कना । पर जरा सोचिए कोई आपको यूँ आहत

जीवन रूपी चाय-डॉ. माध्वी बोरसे!

November 23, 2021

जीवन रूपी चाय! बचपन हमारा, सफेद दूध जैसा, जिंदगी ने लगाया, उबाल यह कैसा, कोई ना, जिंदगी को एक स्वादिष्ट

उड़ गई तितली- देवन्ती देवी चंद्रवंशी

November 22, 2021

 उड़ गई तितली कैसे कहूॅ॑ सखी कुछ कही न जाए मन हुई तितली देखो उड़ती जाए कैसे रोकूॅ॑ मेरी बावरी

खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना-जयश्री बिर्मी

November 22, 2021

 खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना किसान कानून की वापसी कही गढ़ आला पन सिंह गेला न बन

किस्से मोहब्बत के-तेज देवांगन

November 22, 2021

 किस्से मोहब्बत के किस्से मोहब्बत के किसको सुनाएं, सब यहां कहानीकार बने है। लिख दूं गजल मैं, गर किताबों पे,

Leave a Comment