Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jivan raksha mantra by sudhir Srivastava

 जीवन रक्षा मंत्र मानव जीवन में सड़कें  जीवन का अनिवार्य हिस्सा है इसके बिना तो जैसे अधूरा जीवन का किस्सा …


 जीवन रक्षा मंत्र

Jivan raksha mantra by sudhir Srivastava

मानव जीवन में सड़कें 

जीवन का अनिवार्य हिस्सा है

इसके बिना तो जैसे

अधूरा जीवन का किस्सा है।

हमारे जीवन का बड़ा हिस्सा

सड़कों पर गुजरता है,

जीवन रक्षा के लिए

सड़क सुरक्षा नियमों का 

पालन जरूरी होता है,

बिना नियम पालन के

हम सब पर हर समय

खतरा मँडराता रहता है ।

सड़क सुरक्षा नियम पालन

हम सबकी जिम्मेदारी है,

हमारी लापरवाही कभी हम पर

तो कभी औरों पर पड़ती भारी है,

हमारी छोटी सी लापरवाही

बहुत बार बड़ी दुर्घटना का 

कारण बन जाती है,

कभी एक दो तो कभी 

दस, बीस, तीस, पचास, 

सौ की भी जान चली जाती है।

मरने वाला मर गया 

चलो कोई बात नहीं

ये ईश्वर की माया है

कहकर हम आगे बढ़ जाते हैं,

परंतु उस एक की मौत से

कितनों का भविष्य तो छोड़िए

वर्तमान भी उजड़ जाता है,

किसी का बाप, बेटा, बेटी,

तो किसी का सुहाग उजड़ जाता है,

किसी के जीवन की उम्मीदें

तो किसी के जीवन का

इकलौता सहारा भी लुट जाता है।

ऐसा भी हो सकता है 

मरने वाले हम,आप,..

आप या फिर आप भी हो सकते हैं,

हमारे, आप या…….फिर

आप के न होने से 

कितने लोग प्रभावित होंगे?

बस यही सोचने समझने और

विचार करने की जरुरत है।

नियमों का पालन कर किसी पर

एहसान मत कीजिये,

अपने जीवन की रक्षा के बारे में

सड़क सुरक्षा के साथ

खुद जोड़कर भी देखिये।

काश ऐसा हो जाये

सड़क सुरक्षा हम सब ही

पूरी तरह पालन करने लग जायें,

तो सच मानिए 

नब्बे प्रतिशत दुर्घटनाएं

अपने आप रुक जायें,

सड़कों पर होने वाली मौतें

सिर्फ़ अपवाद बनकर रह जायें।

जाने कितने लोग इस दंश का

शिकार होने से बच जायें,

आइए!सड़क सुरक्षा नियम अपनाएं

सिर्फ़ अपना ही नहीं 

जाने कितने औरों की 

जीवन रक्षा का मंत्र अपनायें।

☝सुधीर श्रीवास्तव

         गोण्डा, उ.प्र.

      8115285921

© मौलिक, स्वरचित


Related Posts

Maa ki apeksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 “माँ की अपेक्षा” माँ की अपेक्षा बेटी का भविष्य उज्जवल हो। जो जीवन माँ ने जिया, कभी बेटी न जिये।

Aisa jamana ab aa gaya by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 ऐसा ज़माना अब आ गया है अच्छी हो या कि हो फिर बुरी ही, माता-पिता व बुजुर्गों की बात चुपचाप

Hindi divsh by Anita Sharma

October 7, 2021

 विषय-हिन्दी दिवस अभिव्यक्ति की पूर्णता जिस भाषा में होती….. हृदय के उद्गार जिस भाषा में उपजे….. भावनाओं की अभिव्यक्ति जिन

Mai kya likh du by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 मैं क्या लिख दूँ.!!! प्रस्तुत कविता में हो रहा संवाद हमारे और हमारे बेटे के बीच का  है…!! तूनें कहा

Tum kaho to by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 तुम  कहो  तो…!!! तुम  कहो तो महकूँ मैं और चुन लूँ  जिंदगी के चार पल या ख़ुशी से मौन जो

Mausam by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मौसम” मौसम तो बदलते रहते हैं। जीवन में कयी पड़ाव आते रहते हैं। कभी खुशी-कभी गम । प्रकृति के बदलते

Leave a Comment