Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jivan jeene ki kala by Anita Sharma

 जीवन जीने की कला! मानव जीवन ईश्वर प्रदत्त उपहार है ।      कितनी लहरें उठती गिरती जीवन में।   …


 जीवन जीने की कला!

Jivan jeene ki kala by Anita Sharma

मानव जीवन ईश्वर प्रदत्त उपहार है ।

     कितनी लहरें उठती गिरती जीवन में।

          सीखना है जीवन जीने की कला ।

संघर्षों से घिरा प्रति पल जीवन।

    हर क्षण बीत रहा प्रति स्पर्धा में।

         सकारात्मक ऊर्जा से भरें जीवन।

संस्कार और मर्यादा के साथ।

    सत्य पथ को चुनकर बढ़े आगे।

         यही तो है,जीवन जीने की कला।

निष्काम कर्म हो परोपकार संग।

     कल्याण मार्ग हो जीवन आधार।

          यही तो है जीवन जीने की कला।

सद्वृत्ति हो,पूर्ण आस्था का संचार।

      भक्ति का पथ हो विश्वास से भरा।

          यही तो सद्-जीवन जीने की कला।।

—–अनिता शर्मा झाँसी

—–मौलिक रचना।


Related Posts

धरनी धर्म निभाना

April 19, 2023

धरनी धर्म निभाना साथ तेरा मिला जो मुझको,बिछड़ मुझसे अब न जाना।वपु रूप में बसों कही भी,चित्त से मुझे न

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब

April 19, 2023

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब खुद से अधिक किसी ओर को चाहनाहोता है खुद कि नज़र मे खुद के ही

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

April 10, 2023

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को

बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं

April 10, 2023

 भावनानी के भाव  बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं बावीस सविंधान सूचीगत भारतीय भाषाओं से  नवोन्मेष उधमियों को सहायता मुहैया  कराने

है वादा। Kavita -hai waada

April 10, 2023

है वादा।  पढ़ो पर लिखो ज्यादा,बोलो पर सोचो ज्यादा,खेलो पर पढ़ो ज्यादा,आप सफल होंगे है वादा। खाओ पर चबाओ ज्यादा,रोइए

कविता –छात्र नेता, गोली और हत्या |kavita

April 6, 2023

” छात्र नेता, गोली और हत्या “ मैं नहीं कहता कि मुझे अपने ही मारेंगेमुझे अपनों पर पूरा भरोसा हैतब

PreviousNext

Leave a Comment