Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jindagi bhar by siddharth bhar

 जिंदगी भर जमाने ने दी है तोहमत की दौलत ,इसको समेटे रहो जिंदगी भर। सफाई जो कर दोगे जेहन का …


 जिंदगी भर

Jindagi bhar by siddharth bhar

जमाने ने दी है तोहमत की दौलत ,इसको समेटे रहो जिंदगी भर।

सफाई जो कर दोगे जेहन का अपने ,रह न जाएगी थोड़ी कमी भर।

परवाह जिस दिन कर लोगे अपना,खुशियां मिलेगी तुमको जमी भर।

लोगों ने दूजे के बारे में क्या सोचा,करनी है उनको अपनी बन्दगी भर।

ठोकर लगाकर चल देंगे झट से,लगे थे जिसके लिए जिंदगी भर।

बुरे दौर में कौन होता है अपना, न देखेगा कोई तुमको नजर भर।

तेल लेने जाने दे इन बातों को,तूँ बस अपने अंदर थोड़ा असर भर।

परछाइयां भी होती हैं अक्सर पराई, इनमें अपनी मस्ती की थोड़ी लहर भर।

जर्रे जर्रे में नाम हो बस तुम्हारा, मेहनत को अंदर इस कदर भर।

-सिद्धार्थ पाण्डेय


Related Posts

Geet by mainudeen kohari

August 7, 2021

 गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा

Meri kalam kavita mainudeen kohari bikaneri

August 7, 2021

 *  मेरी कलम  * मेरी  कलम  दिखादे  तू  अपना  कमाल । रोटी मुझे  मिले  सदा हक़ – ओ – हलाल

Badamashi Kavita by jayshree birmi

August 7, 2021

 बदमाशी आई बदमाश बौछरे,भिगोती हुए चौबारे, दौड़ के करो बंद खिड़की, उड़ती चुन्नी खिड़की के पल्ले में अटकी। दौड़ के

Sachcha sathi by Jitendra Kabir

August 7, 2021

 सच्चा साथी कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है, लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए उसका

Musaladhar barish kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 मूसलाधार बारिश एक जमाना याद आया,मूसलाधार बारिश देखी।यादों के झुरमुट में बसी,वही पुरानी यादें लौटी। लगातार बिन रूके तब,गिरता था

Sandesh prakriti ka kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 “संदेश प्रकृति का”  संदेश बादल दे रहे समस्त जग को, कल्याण मार्ग हो जीवन आधार। संमार्ग हो ध्येय बादल हमें

Leave a Comment