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Jhutha bhram by Jitendra Kabir

 झूठा भ्रम रोक नहीं पाते जब तुम  दुनिया के सब मजलूमों  पर होने वाले ज़ुल्म-ओ-सितम  तो फिर तुम्हारे ‘दुखहर्ता’ होने …


 झूठा भ्रम

Jhutha bhram by Jitendra Kabir

रोक नहीं पाते जब तुम 

दुनिया के सब मजलूमों 

पर होने वाले

ज़ुल्म-ओ-सितम 

तो फिर तुम्हारे ‘दुखहर्ता’ होने का

झूठा भ्रम क्यों पाल लूं मैं?

जब फलने-फूलने देते हो

अपनी आंखों के सामने 

दुनिया में तुम 

अनेकानेक अनाचारों को,

तो फिर तुम्हारे ‘दिव्यद्रष्टा’ होने का

झूठा भ्रम क्यों पाल लूं मैं?

पूर्वजन्मों के फल के नाम

पर कभी और कभी

भाग्य के नाम पर मजलूमों

का शोषण करने वालों पर

अगर तेरा कोई बस नहीं,

तो फिर तेरे ‘सर्वशक्तिमान’ होने का

झूठा भ्रम क्यों पाल लूं मैं?

 जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति- अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


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