Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jhoothon ka hai jamana by Jitendra Kabir

 झूठों का है जमाना एक बार झूठ बोल कर उसे छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, पकड़े भी …


 झूठों का है जमाना

Jhoothon ka hai jamana by Jitendra Kabir

एक बार झूठ बोल कर

उसे छुपाने के लिए

झूठ पर झूठ बोलते जाना,

पकड़े भी गये जो कभी तो

शर्मिंदगी का पात्र बन जाना,

पकड़े नहीं गये जो तो भी उम्र भर

भांडा फूटने के डर से

मन ही मन डरते जाना,

इस डर के कारण ही

दिन का चैन, रातों की नींद

किश्तों की तरह भरते जाना,

फिर भी कहां छोड़ पाते हैं

हम लोग

खुद झूठ बोलना और दूसरों से

झूठ बुलवाते जाना,

काम निकालने के लिए अपना

झूठी तारीफें करते जाना,

अहम की संतुष्टि के लिए अपनी

झूठी तारीफें सुनते जाना,

बुराई करना पीठ के पीछे

सामने कसीदे पढ़ते जाना,

गाली देना मन ही मन में

मुंह पे गुणगान ही करते जाना,

जल-भुन राख हो जाना मन में

सामने बधाई उड़ेलते जाना,

कहां छोड़ पाते हैं हम

खुद झूठ बोलना और दूसरों से

झूठ बुलवाते जाना।

                         जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!

देशभक्ति २१ वी सदी में-सतीश लाखोटिया

January 24, 2022

देशभक्ति २१ वी सदी में वतन पर क्या गाऊँ मैंदेशभक्ति के गीतहम माटी के पुतलेभूल गए उन शहीदो कीदेश पर

मकर संक्रान्ति का महत्व

January 17, 2022

मकर संक्रान्ति का महत्व  हिंदू धर्म ने माह कोदो पक्षों में बाँटा गया हैकृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष,वर्ष को भी

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

Leave a Comment