Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

 जीत निश्चित है– लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो। दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ। व्यवधान बहुत …


 जीत निश्चित है–

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो।

दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ।

व्यवधान बहुत आयेग,हिम्मत रख बढ़ना।

इच्छा शक्ति के साथ,हर मुश्किल सहना ।

लोग बहुत बातें कर, दुर्बल करने प्रयत्न करेंगे।

बढ़ते जाना,चलते रहना,मंजिल पास मिलेगी।

रूकना नहीं,थमना नहीं,मंजिल तक जाना हैं।

विजय का फल ,इक रोज मिलेगा ही।

विजय निश्चित ही होती है,संघर्ष करने से।

आगे बढ़ जाते ,जो लक्ष्य उन्हीं को मिलता।

विजय का पर्चम फहराओ दृढ़ता से बढ़कर।

आगे ही आगे बढ़ायेगें कदम ।।

—-अनिता शर्मा झाँसी

—-मौलिक रचना

 


Related Posts

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष कविता

May 14, 2022

 विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष  कविता प्रथम गुरु है माता पिता जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं 

टूट रहे परिवार !

May 14, 2022

टूट रहे परिवार ! बदल गए परिवार के, अब तो सौरभ भाव ! रिश्ते-नातों में नहीं, पहले जैसे चाव !!

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर

May 11, 2022

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है

कविता-उम्मीद

May 10, 2022

 उम्मीद  उदास रातों में उम्मीद की शमां जलाओ यारो  सन्नाटे की दीवारों पर खुशियां सजाओ यारो  फिर ये ख़ामोशी भी

घमासान

May 10, 2022

 घमासान क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट

वो ख्यालात मोहब्बत के

May 10, 2022

 वो ख्यालात मोहब्बत के तेरे तसव्वुर ए ख्यालात में अकसर दिल खोता है एसा लगे चांदनी रात में चांद चांदनी

PreviousNext

Leave a Comment