Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

 जीत निश्चित है– लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो। दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ। व्यवधान बहुत …


 जीत निश्चित है–

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो।

दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ।

व्यवधान बहुत आयेग,हिम्मत रख बढ़ना।

इच्छा शक्ति के साथ,हर मुश्किल सहना ।

लोग बहुत बातें कर, दुर्बल करने प्रयत्न करेंगे।

बढ़ते जाना,चलते रहना,मंजिल पास मिलेगी।

रूकना नहीं,थमना नहीं,मंजिल तक जाना हैं।

विजय का फल ,इक रोज मिलेगा ही।

विजय निश्चित ही होती है,संघर्ष करने से।

आगे बढ़ जाते ,जो लक्ष्य उन्हीं को मिलता।

विजय का पर्चम फहराओ दृढ़ता से बढ़कर।

आगे ही आगे बढ़ायेगें कदम ।।

—-अनिता शर्मा झाँसी

—-मौलिक रचना

 


Related Posts

Bharat varsh by arun kumar shukla

June 27, 2021

 शीर्षक- भारत वर्ष मस्तक दिव्य हिमालय जिसका, पांव धुले नितसागर इसका। हृदय भाग में बहती है नित , गंगा यमुना

karm hi Ishwar by kamal siwani bihar

June 27, 2021

                      कर्म ही ईश्वर   क्या ईश्वर  मिलता  है  हमको ,

kavita Sandeh by sudhir srivastav

June 27, 2021

 संदेह संदेह के बादल एक बार घिर आये, तो सच मानिए कि फिर कभी न छंट पाये,  मान लिया छंट

bihadon ki bandook by priya gaud

June 27, 2021

 “बीहड़ों की बंदूक” बीहड़ों में जब उठती हैं बंदूकें दागी जाती हैं गोलियां उन बंदूकों की चिंगारी के बल पर

Rajdaar dariya by priya gaud

June 27, 2021

 राज़दार दरिया दरिया  सबकी मुलाकातों की गवाह रहती है कुछ पूरी तो कुछ अधूरी किस्सों की राजदार रहती है आँखे

sawam ki rachyita by priya gaud

June 27, 2021

 “स्वयं की रचयिता” तुम्हारी घुटती हुई आत्मा का शोर कही कैद न हो जाये उलाहनों के शोर में इसलिए चीखों

Leave a Comment