Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jay mata di by Jay shree birmi

 जय माता दी आए हैं मेरी मां के नौरते आओ मैया के दर्शन पाए माता रानी आई हैं भक्तों ने …


 जय माता दी

Jay mata di by Jay shree birmi

आए हैं मेरी मां के नौरते

आओ मैया के दर्शन पाए

माता रानी आई हैं

भक्तों ने ज्योत जलाई हैं

भक्त अनुष्ठान करें

माता रानी के गुणगान करें

आती हैं मां शेर सवार

करें  स्वागत अपने द्वार

रिझाते है भक्त हजार

सुख दुःख को हरती  हैं  नैया पार लगाती हैं 

माता आए कुमकुम बरसाए

 मातारानी ने सबको भाग लगाए

पूजा करू और करू अर्चना

मां के घर कोई छोटा बड़ा ना

मां आए खुशियां बांटे

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

April 30, 2022

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को

प्रेम की महक आ गई-कविता

April 30, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात प्रेम की महक आ गई महफिलों की चाहत थी,तन्हाई वो निभा गई, साथ था

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

कविता आज़ाद

April 27, 2022

 आजाद! आजाद विचार, आजाद ख्याल, आजादी से जी ले हर एक साल, आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल, आजाद हो

पीछे छूटा! -कविता

April 27, 2022

पीछे छूटा! -कविता मुड़ कर ना देखो, जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने का क्या पछतावा,सब

PreviousNext

Leave a Comment