Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jay mata di by Jay shree birmi

 जय माता दी आए हैं मेरी मां के नौरते आओ मैया के दर्शन पाए माता रानी आई हैं भक्तों ने …


 जय माता दी

Jay mata di by Jay shree birmi

आए हैं मेरी मां के नौरते

आओ मैया के दर्शन पाए

माता रानी आई हैं

भक्तों ने ज्योत जलाई हैं

भक्त अनुष्ठान करें

माता रानी के गुणगान करें

आती हैं मां शेर सवार

करें  स्वागत अपने द्वार

रिझाते है भक्त हजार

सुख दुःख को हरती  हैं  नैया पार लगाती हैं 

माता आए कुमकुम बरसाए

 मातारानी ने सबको भाग लगाए

पूजा करू और करू अर्चना

मां के घर कोई छोटा बड़ा ना

मां आए खुशियां बांटे

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment