Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

janmdin jeevanyatra by Maynuddin Kohri

जन्मदिन —- जीवनयात्रा  आजादी के बाद के काले बादल छट जाने के बाद देश मे अमन चैन,गणतन्त्र भारत की सुखद …


जन्मदिन —- जीवनयात्रा 

janmdin jeevanyatra by Maynuddin Kohri

आजादी के बाद के काले बादल छट जाने के बाद देश मे अमन चैन,गणतन्त्र भारत की सुखद छत्र छाया में 25 जुलाई 1950 को ऐसी माँ जिसके सर से माँ-बाप का साया बचपन में ही उठ गया था उसकी कोख से नाचीज (मईनदीन कौहरी) दुनियाँ-ए-फ़ानी की गहमा गहमी जिंदगी देख पाया ।बड़े जतन से अपने सपनों के संसार को प्यार मोहब्बत के जल से सींच कर सन्स्ंकारों का वातावरण मेरे माँ-बाप ने प्रदान किया ।
घरेलु हिंसा से उत्पीडित माँ के बेटे की क्या स्थिति हुई होगी,माँ की कठिन परिस्थितियों व परिवार की आर्थिक स्थिति से जूझकर माँ के आशीर्वाद से 1966 में हाई स्कुल करते ही p w d में मस्टरोल मे लग गया , मजदूरी करते हुए ईग्यारवीं करते ही b s t c मे टीचर का प्रशिक्षण करते ही 68-69 मे शिक्षा विभाग मे माँ के आशीर्वाद से नौकरी की ।
नौकरी करने के बाद खुद की शादी पाँच भाई बहीन व चार बच्चों की शादी सेवाकाल मे ही की , पिताजी का साया 1988 मे उठ गया । सेवा काल मे ही m.a ,b ed तक की शिक्षा ग्रहण की। आखिर जुलाई 2010 में सेवा निवृत हुआ।
बचपन से ही साहित्य व समाजसेवा का शोक था जो अब भी अनवृत जारी है । साहित्यिक जगत के लोग मुझे बाल साहित्यकार व राज्स्थानी भाषा के लेखक के रूप मे जानते हैं ।
साहित्य मे रुचि थी पर लिखा छपने की प्रक्रिया दैनिक युगपक्ष से शुरु हुई ,सामाजिक संगठनो से जुडाव होने के कारण समाज की स्मारिका प्रकाशन का जिम्मा 2004 मे मुझे दिया गया। इस काम के दौरान ही मैने अपने इखरे बिखरे लिखे सर्जन को सम्भाल कर मन मे आया कि मैं भी अपनी रचनाओं को एक पुस्तक का रूप दूँ । 2005 मे मेरी पहली बाल पोथी हिन्दी में “आओ खेलें गाएँ ” आई जिसे मैं सार्वजनिक साहित्यिक क्षेत्र मे प्रचारित – प्रचारित करने मे असफल रहा ।फिर 2006 मे ” मोत्यां सूं मैंगी ” राज्स्थानी बाल पोथी राजस्थानी साहित्य अकादमी के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित हुई जिसकी भुमिका श्री मालच्ंद तिवाड़ी ने लिखी,जिसका प्रचार लगभग सारे भारत के साहित्यिक क्षेत्र में हुआ तथा सौ से अधिक लोगों ने पत्र प्रेषित कर बाल साहित्य की इस पोथी की व मेरी सराहना की एक दर्जन पत्र पत्रिकाओं मे देश के साहित्यकारों ने समीक्षा लिख मुझे सम्मान दिया।
साहित्यिक गोष्ठियों – कवि सम्मेलनों मे अक्सर मैं जाया करता था । 2011 मे ” मेरा जुनून ” हिन्दी काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ जिसकी भुमिका आदरणीय भवानीशंकर व्यास ‘ विनोद ‘ ने लिखी तथा फ्लेप श्री बुलाकी शर्मा व मदन सैनी ने लिखा।
” मेरा जुनून ” की समीक्षा राजस्थान के जाने माने साहित्य्क्कार श्री वेद व्यास जी ने दैनिक नव ज्योति के रंगीन पृष्ठ पर लिख मुझे साहित्य जगत मे मान दिलाया।
मैने मेरा जुनून स्व बुलाकी दास बावरा जी को समर्पित किया था क्योंकि वे मेरे साहित्यिक आदर्श थे ।
साहित्यिक सिलसिला जारी रहा 2012-13 मे फिर राजस्थान साहित्य अकादमी की आर्थिक सहायता से “म्हैं भारत मां रा लाल ” प्रकाशित हुई जिसकी भुमिका आदरजोग शिवराज जी छ्ंगाणी ने लिखी। इस बाल पोथी का चयन सलिला संस्था द्वारा किया गया जिसे राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मेलन 2015 मे “स्वतंत्रता सेनानी ओंकार लाल शास्त्री ” पुरुष्कार मिला।
2014 मे मेरी “माँ ” इस दुनियाँ-ए-फ़ानी से पर्दा कर गई,माँ की याद में उनकी प्रथम पुण्य तिथि पर “माँ तुझे सलाम ” पुस्तिका प्रकाशित की गई।इसी क्रम मे मेरी बहीन को समर्पित “अनमोल बेटियाँ “2019 मे प्रकाशित हो चुकी है जिसकी भुमिका जोधपुर के श्री श्याम सुन्दर भारती जी ने लिखी जिसका लोकार्पण सुजानगढ मे नई दिल्ली अकेडमी द्वारा आयोजित कन्हैयालाल सेठिया शताब्दी समारोह के अवसर पर भव्य समारोह में हुआ। अब मेरी पाँच पुस्तकें प्रकाशनाधीन है। “मुलकती मरूधरा “शीघ्र आ रही है ।जिसकी भुमिका सुरतगढ़ टाईम्स श्री मनोज स्वामी ने लिखी है।
मेरे द्वारा सम्पादन भी किया गया है सामाजिक स्मारिका 2004, ” तोहफा -ए-नूर ” नातिया कलाम 2007 , ” कमर काव्य ” 2020 हैं इसके अलावा मैने भी समीक्षा व् भुमिका भी लिखी हैं ।
मेरी रचनाएँ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दर्जनो प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं मे प्रकाशित हो चुकी हैं।
आकाश वाणी बीकानेर से कई बार प्रशारण विभिन्न कार्यक्रमों मे हो चुका है,फैस्बुक व व्हाट्स्प मे रचनाएँ निरन्तर प्रसारित हो रही है।
राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा ” बाल कल्याण समिति सदस्य ” 2012 से2015 तक (बालकों से सम्बंधित प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट) मनोनयन हुआ ।
समाज सेवा कार्य में कई प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़ा हूँ ।
मेरी पत्नी 25 अक्टूबर 2020 मे स्वर्गवासी हो जाने से मै टूट सा गया हूँ उनका मैं ऋणी हूँ जिनका साहित्यिक-सामाजिक व पारिवारिक कार्यो में जो योगदान रहा उसे मे भुला सकता नहीं ।

मै शंकालु साहित्यकार होने के कारण साहित्य के खेमों से दूर होने पर जो पुरष्कार/सम्मान मिले हैं उनमे प्रमुख हैं:-
2010 में नगर विकास न्यास स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह मे राजस्थानी भाषा ” पीथल पुरष्कार ” व सम्मान , 2011 राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी जयपुर द्वारा ” श्रेष्ठ शिक्षक ” सम्मान , 2014 में नगर निगम द्वारा ” साहित्य सम्मान ” व 2015 मे सलिला संस्था सलुम्बर उदयपुर द्वारा स्वतंत्रता सेनानी श्री ओंकार लाल सम्मान व पुरष्कार ।
कोरोनाकाल मे एक दर्जन से अधिक संस्थाओं द्वारा प्रतियोगिता व ऑन लाइन कवि सम्मेलनों और मुशायरों मे सम्मान व प्रमाणपत्र राष्ट्रीय स्तर पर मिले हैं । मेरे जन्म दिवस को मै खुद मेरे जीवन की ,जीवन यात्रा को लिख आत्म मनन कर मनाने का प्रयास कर रहा हूँ । (25 जुलाई 1950 से अब तक का सफर )

मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी”मो9680868028


Related Posts

Manipur news today :महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई

July 22, 2023

मणिपुर मामले का आकार – मानसून सत्र लाचार – हंगामे का वार पलटवार महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई –

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी

July 21, 2023

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी  140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मिंदगी  संवैधानिक लोकतंत्र में महिलाओं के साथ शर्मसार दरिंदगी अस्वीकार

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर…

July 20, 2023

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर… तड़पते– तड़पते इंसान सब्र करना सीख जाता है और यह तब होता है

State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act 2005 Vs INDIA

July 20, 2023

भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग व निषेध) अधिनियम 2005 बनाम आई.एन.डी.आई.ए, टैग लाइन जीतेगा भारत 2024 सियासी की लड़ाई

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है

July 19, 2023

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है समाज कहता है कि पुरुष यानी तांबे का लोटा।

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी – कुनबा बढ़ाओ अभियान जारी

July 19, 2023

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी – कुनबा बढ़ाओ अभियान जारी – 30 बनाम 24 पार्टियों की यारी  लोकसभा चुनाव 2024

PreviousNext

Leave a Comment