Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jana us par hai by siddharth gorakhpuri

 जाना उस उसपार है , जाना उस उसपार है ,मगर मैं किनारे चल रहा हूँ। बात ये है कि मैं …


 जाना उस उसपार है ,

Jana us par hai by siddharth gorakhpuri

जाना उस उसपार है ,मगर मैं किनारे चल रहा हूँ।

बात ये है कि मैं खुद के  सहारे चल रहा हूँ।

थोड़ा ही सही ,आहिस्ता आहिस्ता बदल रहा हूँ।

बात ये है कि मैं खुद के  सहारे चल रहा हूँ।

दरिया पार करने को ,जी अक्सर मचलता है।

कर्म की नाव पर हौसलों का पतवार चलता है।

धीरे ही सही ,समय के माफ़िक अब ढल रहा हूँ।

बात ये है कि मैं खुद के  सहारे चल रहा हूँ।

न मोह है ,न माया है ,न सरोकार कोई।

कयाश ये है के हो जाए परोपकार कोई।

बमुश्किल रह रह कर , अब सम्भल रहा हूँ।

बात ये है कि मैं खुद के  सहारे चल रहा हूँ।

खुद को अब मैं भीड़ से अलग दिख रहा हूँ।

आहिस्ता-आहिस्ता कुछ  न कुछ लिख रहा हूँ।

हौसला बरकरार है के रेत सा फिसल रहा हूँ।

बात ये है कि मैं खुद के  सहारे चल रहा हूँ।

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

April 30, 2022

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को

प्रेम की महक आ गई-कविता

April 30, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात प्रेम की महक आ गई महफिलों की चाहत थी,तन्हाई वो निभा गई, साथ था

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

कविता आज़ाद

April 27, 2022

 आजाद! आजाद विचार, आजाद ख्याल, आजादी से जी ले हर एक साल, आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल, आजाद हो

पीछे छूटा! -कविता

April 27, 2022

पीछे छूटा! -कविता मुड़ कर ना देखो, जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने का क्या पछतावा,सब

PreviousNext

Leave a Comment