Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Ishwar ke nam patra by Sudhir Srivastava

 हास्य-व्यंग्यईश्वर के नाम पत्र    मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई …


 हास्य-व्यंग्य
ईश्वर के नाम पत्र

Ishwar ke nam patra by Sudhir Srivastava

   मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई भी बताता चलूं। उससे भी पहले अपने स्वभाव की औपचारिक परंपरा का निर्वहन करते हुए पूरी तरह स्वार्थवश आपके चरणों में दिखावटी शीष भी झुका रहा हूँ, ताकि आप कुपित होकर भी मेरा अनिष्ट करने की सोचो भी मत।क्योंकि आप मानव तो हो नहीं, ये अलग बात है कि प्रभु जी आज भी पुरानी विचारधारा में मस्त हो।अरे अपने कथित महल /कुटिया /धाम से बाहर निकलिए, तब देखि कि दुनियां और हम मानव कहाँ तक पहुंच गये हैं,कितना विकास कर लिया है। मगर सबसे पहले एक मुफ्त की सलाह है कि बस अब लगे हाथ एक एंड्रॉयड मोबाइल ले ही लीजिए, बैठे सारी दुनियां का समाचार लीजिए, कुछ चैट शैट कीजिये, अपनी एक यूट्यब चैनल बनाइए, पलक क्षपकते ही किसी से बातें करिए।कारण कि अब पत्र लिखना भी छूट ही गया है,पोस्टकार्ड से भी कम कीमत में झट से बात करो,तनावों से बचो।यही हमारी सोच है।काश आपके पास ये सुविधा होती तो वीडियो काल से आपको यहां का सीधे नजारा दिखाता।

  ………….।ओह अब समझा आप परेशान क्यों हैं?

     अरे प्रभु, ये क्या बात हुई आप सबकी खबर रखते हो,पर उनके जुगाड़ तंत्र को नहीं समझते।बस आप यमराज को अपनी इच्छा भर बताइये फिर देखिये मोबाइल के ढेर लग जायेंगे।मगर आप हैं कि बस…………।

   और हाँ एक राज की बात भी कहनी है आपके पास मोबाइल भले नहीं है पर यमराज जी तो आये दिन नये नये महँगे मोबाइलों से खेल रहे हैं। तभी तो कोरोना में उनकी कार्य पद्धति एकदम  बदली बदली सी दिखी। चैंटिंग में इतना मस्त रहने लगें है कि बस पूछो मत।

   वैसे तो प्रभु ये इधरउधर की बातें करना अच्छा तो नहीं लगता पर क्या करूँ, मजबूर जो हूँ, आखिर आपका ही बनाया इंसान हूँ।

      कोई बात नहीं प्रभु अब यमराज को आप ही सँभालना।वैसे यमराज की गिद्ध नजर हमारे आपके संबंधों पर है। फिर जब हम आपके सीधे संपर्क में हैं तो मेरा विचार है कि यमराज जी मेरा नुकसान करने से पहले आपकी मान प्रतिष्ठा का ख्याल तो जरूर रखेंगे।

………….सो गये क्या प्रभु?ये पत्र चीज ही ऐसी है कि हंसाती, रुलाती, सुलाती भी है।मतलब आप बोर हो रहे हैं।

कोई बात नहीं मैं ही यमराज से सीधे फोन पर बात कर लूँगा कि जब वे हमारे एरिया में आयें तो हमसे मिलकर जायें जिससे मैं आपके लिए सिम सहित मोबाइल भेज सकूँ अनलिमिटेड काल, डाटा की सुविधा के साथ।

 बस प्रभु मुझे भी नींद आने लगी है।अब बंद करता हूँ अब तो फोन पर ही बात करुँगा।तब तक के लिए विदा।जय हो प्रभु ।मेरा कल्याण हो आपकी ओर से मेरे लिए फिलहाल इतना ही।

    भविष्य में आपको होने वाली तमाम असुविधाओं के लिए हमें दिल से खेद है।

     धरती पर आपका सबसे बड़ा शुभचिंतक

✍ सुधीर श्रीवास्तव

       गोण्डा, उ.प्र.

      8115285921


Related Posts

डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’: एक विस्तृत समीक्षा

डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’: एक विस्तृत समीक्षा

January 1, 2026

डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’ बाल मन की संवेदनाओं, जिज्ञासा और सपनों से जुड़ी कहानियों

“बीबीपुर: एक गांव की कहानी, जो अब किताबों में पढ़ाई जाएगी”

“बीबीपुर: एक गांव की कहानी, जो अब किताबों में पढ़ाई जाएगी”

July 28, 2025

“बीबीपुर: एक गांव की कहानी, जो अब किताबों में पढ़ाई जाएगी” हरियाणा का बीबीपुर गांव अब देशभर के छात्रों के

मार -पीट को पति का प्यार मानती हैं

मार -पीट को पति का प्यार मानती हैं

July 28, 2025

मार -पीट को पति का प्यार मानती हैं जी हाँ ये दो पंक्तिया इस लेख के भाव को पूरी तरह

तुलसी जयंती विशेष

तुलसी जयंती विशेष

July 28, 2025

तुलसीदास दुबे नाम के साथ ‘गोसाई’ शब्द लगने का रहस्य !!! (तुलसी जयंती विशेष ) उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले

आंतरिक सौंदर्यता एवं प्रतिभा हे मनुष्य की सच्ची पहचान

आंतरिक सौंदर्यता एवं प्रतिभा हे मनुष्य की सच्ची पहचान

July 24, 2025

आंतरिक सौंदर्यता एवं प्रतिभा हे मनुष्य की सच्ची पहचान एक ऐसी दुनिया में जहां शारीरिक रूप अक्सर केंद्र बिंदु होता

 ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

 ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

July 7, 2025

“चाह गई चिंता मिटी मनुआ बेपरवाह जाको कछु ना चाहिए वो शाहन के शाह” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रद्धेय द्वारिका

Next

Leave a Comment