Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

ishq me bhi ab installment hai by ajay prasad

 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है । कितने मच्यौर …


 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

ishq me bhi ab installment hai  by ajay prasad

इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है ।

कितने मच्यौर हुए लैला-मजनू

लीविंग रिलेशन अपार्टमेन्ट है ।

सस्ता उत्तम टिकाऊ प्यार का

अब  तो अलग  डिपार्टमेन्ट है ।

चेह्र पर हँसी औ दिल में खुन्नस

आजकल तो  ये एडजस्टमेंट है ।

अंदाज़ा लगाता है तू तस्वीरों से

कितना गलत तेरा ये जजमेंट है ।

कर ले एन्जॉय जी भर आज ही

क्या  पता  कल  मौत अर्जेन्ट है

-अजय प्रसाद


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

कविता-दर्द ने दस्तक दी

May 6, 2022

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस

PreviousNext

Leave a Comment