Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

ishq me bhi ab installment hai by ajay prasad

 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है । कितने मच्यौर …


 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

ishq me bhi ab installment hai  by ajay prasad

इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है ।

कितने मच्यौर हुए लैला-मजनू

लीविंग रिलेशन अपार्टमेन्ट है ।

सस्ता उत्तम टिकाऊ प्यार का

अब  तो अलग  डिपार्टमेन्ट है ।

चेह्र पर हँसी औ दिल में खुन्नस

आजकल तो  ये एडजस्टमेंट है ।

अंदाज़ा लगाता है तू तस्वीरों से

कितना गलत तेरा ये जजमेंट है ।

कर ले एन्जॉय जी भर आज ही

क्या  पता  कल  मौत अर्जेन्ट है

-अजय प्रसाद


Related Posts

प्रसन्न मन!

June 24, 2022

प्रसन्न मन! डॉ. माध्वी बोरसे! जब मन होता है प्रसन्न,रोकने को चाहता है वह क्षण,चलता वक्त थम जाए,कई और हम

कर्म से लिखे आत्मकथा!

June 24, 2022

कर्म से लिखे आत्मकथा! माध्वी बोरसे! लिखें हमारे जीवन की कहानी,साहस,दृढ़ता हो इसकी निशानी,कलम से नहीं कर्म से लिखें,हमारा जीवनी

खान-पान पर भी तकरार

June 24, 2022

 खान-पान पर भी तकरार जितेन्द्र ‘कबीर’ एक घर की चार संतानें… खान-पान में चारों के हैं अलग विचार, शाकाहारी है

चुनाव के पहले और बाद में

June 24, 2022

 चुनाव के पहले और बाद में जितेन्द्र ‘कबीर’ जनता के सामने विनम्र याचक मुद्रा में नेता लोकतंत्र के पर्व की 

विज्ञापन-मय भारत

June 24, 2022

 विज्ञापन-मय भारत जितेन्द्र ‘कबीर’ सरकारी अस्पतालों में पर्ची बनाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने एवं छत्तीस प्रकार के टेस्ट करवाने

सभ्यता का कलंक

June 24, 2022

 सभ्यता का कलंक जितेन्द्र ‘कबीर’ बंदरों के झुंड का सरदार अपनी शारीरिक शक्ति के बल पर संसर्ग करता है अपने

PreviousNext

Leave a Comment