Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

ishq me bhi ab installment hai by ajay prasad

 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है । कितने मच्यौर …


 इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

ishq me bhi ab installment hai  by ajay prasad

इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है

आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है ।

कितने मच्यौर हुए लैला-मजनू

लीविंग रिलेशन अपार्टमेन्ट है ।

सस्ता उत्तम टिकाऊ प्यार का

अब  तो अलग  डिपार्टमेन्ट है ।

चेह्र पर हँसी औ दिल में खुन्नस

आजकल तो  ये एडजस्टमेंट है ।

अंदाज़ा लगाता है तू तस्वीरों से

कितना गलत तेरा ये जजमेंट है ।

कर ले एन्जॉय जी भर आज ही

क्या  पता  कल  मौत अर्जेन्ट है

-अजय प्रसाद


Related Posts

आया है नवरात्रि का त्योहार

October 16, 2023

आया है नवरात्रि का त्योहार आया है नवरात्रि का त्योहार।नवरात्रि में माँ का सजेगा दरबार।गली-गली गूँजेंगे भजन कीर्तन,माँ अंबे की

कविता – अश्रु | kavita – Ashru

October 14, 2023

कविता – अश्रु ये आसू नही मेरा क्रोध है,क्यू तुम्हे नही ये बोध है,कमजोर मत समझो तुम मुझे,यह तुम पर

कविता -अभिव्यक्ति का अंतस्

October 14, 2023

अभिव्यक्ति का अंतस् आहूत हो रही हैभाव की अंगडा़ईमन की खामोश और गुमसुम परछाई मेंकि कहीं कोई चेहरा… चेहरे की

मां है घर आई

October 14, 2023

मां है घर आई मां है घर आई चहुं दिग खुशियां छाईं झूम उठा है कण-कण माटी का हर चेहरे

कविता – बस आ जाओ

October 14, 2023

कविता  : बस आ जाओ सुनो दिकु….. मुज़ से कोई खता हुई है, तो बता दो ना रुख से अपने

ये अंधेरी रात| kavita: ye Andheri rat by veena adavani

October 9, 2023

ये अंधेरी रात ये तंहाई भरी अंधेरीगहरी काली रातहमे डराते हैं।। ये उमड़े घुमड़ते बादलदेख हम अक्सर कितनाडर जाते हैं।।

PreviousNext

Leave a Comment