Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hindi tu sahil by Dr. Indu kumari

 हिन्दी तू साहिल                         हमारी आत्मा है भाषा शहद …


 हिन्दी तू साहिल

               

Hindi tu sahil by Dr. Indu kumari

       

हमारी आत्मा है भाषा

शहद सी मीठी है भाषा

भावों की है अभिव्यक्ति

त्रिभाषा में विविध शक्ति

हमारी  हिन्दी बोली खड़ी

लगी सब भाषा की लड़ी

इनसे बढ़ते शब्द भंडार

विविधता में प्यार मनुहार

एकता के सूत्र में बाँधकर

 ला बाँधा प्रेम की डोरी से

हिन्दी  है  राष्ट्र   की  शान

हमें इन पर  है  अभिमान

विचार संस्कृति की वाहक

समृद्धि  की  संवाहक  है

वजूद हमारी ये हिन्दी है

हिन्दी ही हमारी है मैया

जिन्दगी जगत में तैरने

वाली एक मात्र है नैया

भाव करती इसमें श्रृंगार

तू साहिल औ मैं पतवार

                          डॉ इन्दु कुमारी

                          हिन्दी  विभाग

                          मधेपुरा बिहार

 

                       

                          

                     


Related Posts

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि

दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

विजय दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

विजय दिवस शुरू हुआ जो युद्ध तीन दिसंबर उन्नीस सौ इकहत्तर कोभारत पाकिस्तान के बीच मेंछुडा़ रहे थे सैनिक भारत

काम की कीमत है इंसान की नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 17, 2021

काम की कीमत है इंसान की नहीं बेकारी, बेरोजगारी के दिनों मेंना कमाने का तानाजब तब मार देने वाले घरवाले,इंसान

Leave a Comment