Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hindi divsh by Anita Sharma

 विषय-हिन्दी दिवस अभिव्यक्ति की पूर्णता जिस भाषा में होती….. हृदय के उद्गार जिस भाषा में उपजे….. भावनाओं की अभिव्यक्ति जिन …


 विषय-हिन्दी दिवस

Hindi divsh by Anita Sharma

अभिव्यक्ति की पूर्णता जिस भाषा में होती…..

हृदय के उद्गार जिस भाषा में उपजे…..

भावनाओं की अभिव्यक्ति जिन शब्दों में समाहित हो

हाँ वही समृद्ध भाषा हिन्दी है।

अपने पन का भान कराये।

निजता का जो ज्ञान कराये ।

सबसे मीठी भाषा हृदयस्पर्शी हिन्दी तो है।

बावन अक्षर व्याकरण के साथ हिन्दी साहित्य ही तो है।

राष्ट्रीय गौरव एकता को बढ़ाती है।

मन से मन तक जो भा जाये वही तो हिन्दी है।।

—–अनिता शर्मा झाँसी
—–मौलिक रचना


Related Posts

गुलाब-डॉ. माध्वी बोरसे

December 18, 2021

गुलाब! गुलाब का फूल, अति सुंदर और सुगंधित, करते है हम, परमेश्वर के चरणो में अर्जित,चलो महका दे जहां, गुलाब

माता – पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 18, 2021

माता – पिता! जब 1 साल के थे हम बच्चे, नहला के पहनाते थे कपड़े वह अच्छे! उस वक्त रो-रो

भारत-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 18, 2021

भारत! दक्षिणी एशिया का सबसे बड़ा देश है भारत, कृषि प्रधान देश है भारत,विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत,एक

कदर-डॉ. माध्वी बोरसे

December 18, 2021

कदर! कदर करें, जो हमारे पास है,क्यों हमेशा कोई ना कोई आस है,हमें आखिर किसकी तलाश है,हर व्यक्ति असंतुष्ट है,

निगाहें- R.S.meena indian

December 18, 2021

कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में

देशभक्त नहीं हो सकते हैं” – सचिन राणा “हीरो”

December 18, 2021

देशभक्त नहीं हो सकते हैं देश के सैनिक की शहादत पर, जो रो नहीं सकते हैं… वो कुछ भी हो

Leave a Comment