Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hindi divas vishesh kavita by Nandini Laheja

हिंदी दिवस विशेष कविता  हिंदी हमारी शान है, हर भारतीय की पहचान है। पर आज हम भारतियों ने, दे बढ़ावा …


हिंदी दिवस विशेष कविता 

Hindi divas vishesh kavita by Nandini Laheja

हिंदी हमारी शान है,

हर भारतीय की पहचान है।

पर आज हम भारतियों ने,

दे बढ़ावा अंग्रेजी भाषा को,

किया कम हिंदी का मान है।

आज समय है ऐसा आया,

अंग्रेजी ने हर तरफ सर उठाया।

हम स्वयं है इसके जिम्मेदार,

किसी और का नहीं है यह किया कराया।

जो बोलता अंग्रेजी,

हम उनको मान देते।

बोले जो हिंदी भाषा,

उसे कमतर है समझते।

पर ऐसा करने से, हम ना केवल स्वयं  को,

बल्कि अपनी पीढ़ी को भी,

दूर अपनी संस्कृति से कर रहे।

अंग्रेजी के अंध में बच्चे,

पाश्चात्य की तरफ है बढ़ रहे।

हम यह न कहते की न पढ़ाओ,

बच्चों को तुम विदेशी भाषा।

पर उनको इतना तो सिखाओ,

सम्मान करें अपनी राष्ट्रभाषा का।

अपनी कार्यशाला में भी,

सब दें हिंदी को बढ़ावा।

यह पहला कदम होगा,

भारत को आत्मनिर्भर, बनाने का हमारा,

क्योंकि यह राष्ट्रभाषा हमारी,

हमें एक सूत्र बांधे।

हो धर्म चाहे विभिन्न,

हमको कभी ना बांटे।

मौलिक एवं स्वरचित

नंदिनी लहेजा

रायपुर(छत्तीसगढ़)


Related Posts

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

कविता – बे-परवाह जमाना

September 1, 2022

कविता – बे-परवाह जमाना ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना ।दिल भी अक्सर छेड़े रहता है

कविता – नयन

September 1, 2022

कविता – नयन दोनों नयन सावन बनकररिमझिम – रिमझिम बरसात करेंसमझ तनिक आता ही नहींके कितने हैं जज़्बात भरे मौन

कविता -शहर चलाता है

September 1, 2022

रिक्शा, ऑटोरिक्शा, इलेट्रिक रिक्शा चलाने वाले भाईयों को समर्पित रचना कविता -शहर चलाता है जो बिना थके सारा शहर चलाता

कविता – शिव और सावन

September 1, 2022

कविता – शिव और सावन सावन शिव हुए अवतरित धरती परसावन में निज ससुराल गएहुआ अर्घ्य और जलाभिषेक से स्वागत

सावन की बौछार

September 1, 2022

 सावन की बौछार सावन की बौछार यारतन – मन को भिगाती हैमस्त फुहारें इस सावन कीयाद किसी की दिलाती है

PreviousNext

Leave a Comment