Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hijab by Ajay Kumar jha.

 हिजाब. खाली जेबों की कसी मुट्ठियाँ हवा में लहराने को उतर आई है अरण्य में खिलते अग्निपुष्प से रंगे  सियार …


 हिजाब.

Hijab  by Ajay Kumar jha

खाली जेबों की कसी मुट्ठियाँ

हवा में लहराने को उतर आई है

अरण्य में खिलते अग्निपुष्प से

रंगे  सियार बेरंग होने लगे हैं

जुमलों की धूलें उड़ने लगी है

खिजाबी हिजाब दिखने लगे हैं

फटी ऐंड़ियों के रिसते लहू से

लिखी इबारतें उभड़ने लगी है 

सियासती चूलें हिलने लगी है

मलबों में दबी महलों की चीख

संसदीय समर में गुंजने लगी है

पिघलते पीड़ के नि:सरित नीर 

जमीनी हकीकत को मथ रही है

कीचड़ में कदवा करते गाँव अब

शहरों को चहुँ दिश घेरने लगी है.             ++++++++++++++++++++

मौलिक स्वरचित रचना

@ अजय कुमार झा.

मुरादपुर, सहरसा, बिहार.

18/8/2021.


Related Posts

क्रिसमस-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 25, 2021

क्रिसमस! क्रिसमस है  एक प्रसिद्ध त्योहार, सैंटा क्लॉस जी का हर बच्चा करता है इंतजार, 25 दिसंबर को मनाया जाता

तुम देना साथ सदा-नंदिनी लहेजा

December 23, 2021

तुम देना साथ सदा। नन्हा सा अंकुर बन जब, मैं मातृगर्भ में आया। मेरे अस्तित्व को सींचा माँ ने, था

ठिठुरता ठंड – डॉ इंदु कुमारी

December 23, 2021

ठिठुरता ठंड कंपकपाती ये रातें सिसकती रही यादेंठिठुरते हुए ठंड की बीत गयी रे बचपनआ गयी बर्फीली सीजर्रा -जर्रा हिलानेथरथराती

मशवरा- R.S.meena indian

December 23, 2021

मशवरा इशारों में मुझकों बुलाती है,मगर जाने का नही ।अपना उश्शाक बनाती हैं,उधर जाने का नही ।। इश्क़ में खो

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी- सुधीर श्रीवास्तव

December 23, 2021

 पुण्य तिथि विशेषआचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी दौलतपुर ग्राम रायबरेली जनपद मे पाँच मई अठारह सौ चौसठ मेंपं. रामसहाय द्विवेदी के

कविता-नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 23, 2021

नई शुरुआत! सब बिखर गया तो क्या हुआ,समेटने का दम रखते हैं,चलो करे नई शुरुआत,जिंदगी में फिर से नई शुरूवात

Leave a Comment