Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hartalika teej by Sudhir Srivastava

 *हरतालिका तीज* भाद्रमास तृतीया तिथि को सुहागिनें ही नहीं कुँवारी कन्याएँ भी सोलहो श्रृंगार कर भगवान भोलेनाथ और माँ पार्वती …


 *हरतालिका तीज*

Hartalika teej by Sudhir Srivastava

भाद्रमास तृतीया तिथि को

सुहागिनें ही नहीं कुँवारी कन्याएँ भी

सोलहो श्रृंगार कर

भगवान भोलेनाथ और माँ पार्वती का

पूजन विधिविधान से करतीं,

अक्षय सुहाग की कामना लिए

निर्जल उपवास रखतीं,

परिवार में खुशहाली की कामना करतीं।

परंतु ये तो परंपरा है,

वास्तव में इस परंपरा में छिपे

भावों को समझना जरूरी है।

शक्ल सूरत से अधिक

सीरत जरूरी है,

रुप रंग चालढाल से अधिक

अंतर्मन के भावों को 

समझना अधिक जरूरी है।

सबको साथ लेकर 

सामंजस्य बना कर चलना जरूरी है,

व्यक्ति हो या परिवार अथवा समाज

सबसे तालमेल रखना जरूरी है,

औरों को झुकाने के बजाय

खुद झुकना भी जरूरी है।

सिर्फ़ परिकल्पनाओं, व्रतों से

तीज त्योहार, परंम्पराओं से

कुछ नहीं होने वाला,

हमें अपनी चाहतों की खातिर

उसके अनुरूप खुद आगे बढ़कर

सबके मनोभावों को समझते हुए

बिना किसी को कष्ट दिए

आगे आना भी जरूरी है।

तीज, त्योहार, व्रत ,परंपराओं की

सार्थकता तभी सिद्ध होगी,

जब उनका संदेश हमारे आपके अंदर

स्थान पा रही होंगी,

हम सबके व्यवहार में भी 

वास्तव में दिख रही होंगी।

● सुधीर श्रीवास्तव

     गोण्डा, उ.प्र.

  8115285921

©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम

Leave a Comment