Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Har vade par asha kiya na kro

 ग़ज़ल हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो पराधीन    होकर     जिया      ना     करो लगी है …


 ग़ज़ल

Har vade par asha kiya na kro


हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो

पराधीन    होकर     जिया      ना     करो


लगी है जो दिल में आग तो उसे जलने दो

गम में  घुट   घुट   कर   जिया   ना   करो


तुम   ही    पर   विश्वास   है   जमाने   का

बिजली  के   तार   को   छुआ   ना   करो


भागदौड़ की जिंदगी में दौड़ते रहो  सी.पी

मंजिल बहुत दूर है रास्ते में  रुका ना करो


गम  ए  मोहब्बत    से    घबराते   हो   तो

किसी   से     प्यार     किया     ना    करो


हर    वादे   पर   ऐसा   किया   ना    करो

लगी है जो दिल में आग तो उसे जलने दो 


गम में  घुट   घुट   कर   जिया   ना   करो

 हर वादे पर  पर  आशा  किया  ना   करो 

                              कवि सी.पी गौतम


har vade pe asha kiya na karo

paradheen hokar jiya na karo


lagi hai jo dil me aag to use jalne do

gum me ghut ghut kar jiya na karo


tum he par vishwash hai jamane ka

bijli ke taar ko chuwan na karo


bhag daud ki zindagi me daudte raho c.p.

manzil bahut door hai raste me ruka na karo


gum-a-mohabat se ghabrate ho to 

kisi se pyar kiya na karo


har vade pe asha kiya na karo

lagi hai jo dil me aag to use jalne do


gum me ghut ghut kar jiya na karo

har vade pe asha kiya na karo

                            kavi c.p. gautam


Related Posts

गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी

November 10, 2023

गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी ऐ थाना – ए – गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरीखो गया हैं सुकून और अच्छी

कविता –करवा चौथ

October 31, 2023

 करवा चौथ सुनो दिकु…..अपना सर्वस्व मैंने तुम्हें सौंप दिया हैतुम्हारे लिए मैंने करवा चौथ व्रत किया है तुम व्रत करती

कविता –मैं और मेरा आकाश

October 30, 2023

मैं और मेरा आकाश मेरा आकाश मुझमें समाहितजैसे मैप की कोई तस्वीरआँखों का आईना बन जाती हैआकाश की सारी हलचलजिंदगी

कविता – चुप है मेरा एहसास

October 30, 2023

चुप है मेरा एहसास चुप है मेरा हर एहसासक्यों किया किसी ने विश्वासघात?हो गया मेरा हर लफ्ज़ खामोशआज मेरा हर

कविता क्या हुआ आज टूटा है इंसान

October 28, 2023

क्या हुआ आज टूटा है इंसान क्या हुआ जो आज बिखरा है इंसानक्या हुआ जो आज टूटा हुआ है इंसानअरे

कविता – याद करती हो?

October 28, 2023

याद करती हो? सुनो दिकु…. क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?मेरी तरह क्या तुम भी, आँखें बंदकर मुज़

PreviousNext

Leave a Comment