Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Har dushkarm ke bad by Jitendra Kabir

 हर दुष्कर्म के बाद भूल जायेंगे  लोग इन बर्बर घटनाओं को, जो नहीं भुला पाएंगे वो बहला लेंगे खुद को …


 हर दुष्कर्म के बाद

Har dushkarm ke bad by Jitendra Kabir

भूल जायेंगे 

लोग इन बर्बर घटनाओं को,

जो नहीं भुला पाएंगे

वो बहला लेंगे खुद को

झूठा दिलासा दे कर,

कि उसकी तो किस्मत ही

खराब थी,

कि उसका तो चरित्र ही

खराब होगा,

कि उसको पूर्वजन्मों के बुरे कर्मों

की सजा मिली होगी,

कि क्या पता सारा मामला राजनीति

से प्रेरित हो, 

असल में यह सरकार को

बदनाम करने का षड़यंत्र मात्र हो,

कि ऐसी हैवानियत हमारे साथ कभी

नहीं हो सकती क्योंकि हम ईश्वर के

परम भक्त हैं,

इन तर्कों के साथ मन – बहलाव करते

कुछ घंटे या कुछ दिन बीतते न बीतते

देश के किसी और हिस्से से ऐसी हैवानियत

की खबर आएगी,

और एक बार फिर हमारे ऊपर डर हावी

होगा,

हुक्मरान फिर से अपने विरुद्ध षड़यंत्र का 

आरोप विरोधियों पर लगाएंगे,

फिर से सारा सरकारी तंत्र, मीडिया सत्ता की

नाकामी पर पर्दा डालने लग जाएंगे,

फिर से सरकार के पिट्ठू देशभक्ति के नाम पर

जुबान पर ताले लगाएंगे,

और ज्यादातर जनता अपनी खैर मनाते हुए

कुछ दिन के लिए न्यूज चैनल देखना, अखबार

पढ़ना छोड़ देगी,

बिल्कुल दड़बे में कैद मुर्गे-मुर्गियों की तरह

दार्शनिक बनते हुए,

ताकि इस ‘रामराज्य’ में कुछ पल तो सुकून के मिलें

सिर काटे जाने से पहले।

                                             जितेन्द्र ‘कबीर’
                                            
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

शुक्रिया- नाचीज बीकानेरी

April 18, 2022

शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।

हाल -ए-दिल- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी

April 18, 2022

हाल -ए-दिल खुशियों के फूल सदा खिलते रहें ।इंसानियत के कदम भी बढाते रहें ।।जमाने के हर दौर से गुजर

श्रीराम-सिद्धार्थ गोरखपुरी

April 18, 2022

श्रीराम चैत्र शुक्ल नवमी तिथि परश्रीराम धरा पर आए थेअवधपुरी में इस तिथि परखुशियों के बादल छाए थेपुरुषो में पुरुषोत्तम

नव वर्ष सुहानी- डॉ.इन्दु कुमारी

April 18, 2022

नव वर्ष सुहानी आम्र मंजरों से से लदे हुए फल फूलों से सजे हुएकली कुसुम मुस्कान भरे हैंकोयल सुर में

ईर्ष्या तू ना गई – डॉ. इन्दु कुमारी

April 18, 2022

ईर्ष्या तू ना गई देखकर लोगों की सुख-सुविधा जल रही तू खूब जलन सेअपनी दुख की चिंता नहीं हैदूसरों के

कर्म महान है – डॉ. इन्दु कुमारी

April 18, 2022

कर्म महान है बच्चे भगवान हैं शिक्षा हमारी आधार हैगुणवत्तापूर्ण है विकल्प शत प्रतिशत लागू करना शिक्षकों का है संकल्पऐसा

PreviousNext

Leave a Comment