Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hamne kab kaha by vijay Lakshmi Pandey

 हमनें कब कहा….??? हमनें   कब   कहा…? ये हड्डियां कमज़ोर  हो गई । लोगों   नें    बताया   , हड्डियां बूढ़ी हो …


 हमनें कब कहा….???

Hamne kab kaha by vijay Lakshmi Pandey

हमनें   कब   कहा…?

ये हड्डियां कमज़ोर  हो गई ।

लोगों   नें    बताया   ,

हड्डियां बूढ़ी हो गई।।

हमनें  कब  कहा …..?

ये हड्डियां कमज़ोर हो गई…!!

डॉक्टर  नें  बताया —!!

कमीं कैल्शियम की हो गई ..,

कहीं  गठिया तो कहीं ,

टेढ़ी   हो    गई …!!

गर्म ही रखना इन्हें ,

ये तो बरबाद हो गई …!!

हमनें कब कहा —?

ये हड्डियां कमज़ोर हो गई ..!!

जन्म-पत्री नें बताया—

वक्त  लौटनें  का आया …।

घुटनों  नें  बताया –,

तू   लाचार हो   गई …!!

हमनें  कब कहा —??

ये हड्डियां  कमज़ोर  हो गई …!!

बेटों  नें   बताया—

मत  करो  बेकार  बातें…!😢

अभी और  ये  चलेगी …,

अच्छे -भले हैं  सारे …!!

और  “भूख” ने सताया   तो ये जवान  हो गई …।।

हमनें  कब कहा –??

ये  हड्डियां  कमजोर  हो गईं …!!!✍️

               विजय लक्ष्मी पांडेय
              एम्.ए. बी.एड.(हिंदी)
              स्वरचित मौलिक रचना
                      आजमगढ़, उत्तर प्रदेश


Related Posts

Bas ek sawal by Jitendra Kabir

October 12, 2021

 बस एक सवाल वैसे तो इस देश में काफी खराब हैं सड़कों के हालात, खराब सड़कों के कारण  होती हैं

Hamne kab kaha by vijay Lakshmi Pandey

October 12, 2021

 हमनें कब कहा….??? हमनें   कब   कहा…? ये हड्डियां कमज़ोर  हो गई । लोगों   नें    बताया   , हड्डियां बूढ़ी हो

Vishwa Dak Divas per Vishesh by Sudhir Srivastava

October 12, 2021

 विश्व डाक दिवस पर विशेष खतों की यादें अचानक एक दिन पुराने खत दिखे तो बीते दिनों की याद ताजा

Suturmurgi pravitti by Jitendra Kabir

October 8, 2021

 शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति अगर तुम कहते हो कि ‘साहित्य रचना’ को मुक्त रखा जाए सर्वथा वर्तमान ‘सामाजिक-राजनैतिक सरोकारों’ से, सत्ता के

Man ki bat by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Leave a Comment