Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Hamari raahen alag hai by Jitendra Kabir

 हमारी राहें अलग हैं अगर तुम चाहते हो, मैं न बोलूं गलत को ग़लत और सही को सही, बेजुबान बन …


 हमारी राहें अलग हैं

Hamari raahen alag hai by Jitendra Kabir

अगर तुम चाहते हो,

मैं न बोलूं

गलत को ग़लत

और सही को सही,

बेजुबान बन जाऊं या

फिर बोलूं सिर्फ उतना

जितना अच्छा लगे

जमाने भर को,

तो मेरी और तुम्हारी

राहें अलग हैं।

अगर तुम चाहते हो

मैं न देखूं

देश और समाज में

जहर घोलने की साजिशें,

आंख मूंदकर भरोसा

कर लूं

झूठे प्रचार और वाहियात

तर्कों पर

तो मेरी और तुम्हारी

राहें अलग हैं।

अगर तुम चाहते हो

मैं न सुनूं

आजादी पर मंडरा चुके

खतरे की आहट,

सत्ता विरोध को देशद्रोह

साबित करने के

प्रयासों का करूं समर्थन,

तो मेरी और तुम्हारी

राहें अलग हैं।

            जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – 7018558314

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

माशूका धरती- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

माशूका धरती मुहब्बत क्या होती हैपूछो वीर जवानों से कुर्वानियों की निशानेपूछो ये जमाने से बलिदानों की महकफिजाओं में फैल

उसका साथ हमेशा देना-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

 उसका साथ हमेशा देना कामयाबी के समय तो दुनिया साथ देती है,संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाएउसका साथ

पश्चाताप की अग्नि सुधीर श्रीवास्तव-

December 15, 2021

पश्चाताप की अग्नि स्तब्ध रह गया धरा गगन मौन हो गये जन के बोल, निष्ठुर ईश्वर तूने खेलाक्यों ऐसा अनचाहा

वीर जवान- डॉ इंदु कुमारी

December 15, 2021

वीर जवान धरती ने उपजाई हैफसलें अब तक जितने सबसे ऊपर है जिसमेंकहते हैं वो है कोहनूर अनमोल रत्नों में

सफलता के मंत्र – चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

।। सफलता के मंत्र ।। सफलता के मंत्रो को हमेगुनगुनाना है राहों के काटों से हँस कर गुजरजाना है संकल्प

ऐ नदी ऐ नदी- चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदीकल कल करती बहती है किनारो पर तुम्हारे जिन्दगी बसा करती हैविशाल रूप

Leave a Comment