Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Haar Dubara (cricket) by Jayshree birmi

 हार दुबारा(क्रिकेट )? क्रिकेट एक खेल हैं और इसे खेलदिली से ही खेलना चाहिए।वैसे तो सभी खेलों को ही खेलदिली …


 हार दुबारा(क्रिकेट )?

Haar dubara by Jayshree birmi

क्रिकेट एक खेल हैं और इसे खेलदिली से ही खेलना चाहिए।वैसे तो सभी खेलों को ही खेलदिली से खेलना चाहिए। लेकिन क्रिकेट तो विश्व प्रसिद्ध खेलों में से एक हैं। अब जब टी–२० वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के विरुद्ध खेलने की बात हुई तब,वैसे तो हमारे देश के प्रबुद्ध लोग इस मैच को खेलने के खिलाफ ही थे ।वैसे पाकिस्तान इतने सालों से छह्य युद्ध कर रहा हैं और  कश्मीर में फैली हिंसा का सीधा संबंध पाकिस्तान ही हैं ये सिद्ध हो चुका हैं,और इन कर्मो का फल कई मायने में अभी पाकिस्तान भुगत रहा हैं।पाकिस्तान तो क्या, वहां की जनता भुगत रही हैं। एफ ए टी एफ द्वारा ग्रे लिस्ट में होना उनके कर्मों का फल ही तो हैं।पूरी दुनियां में बदनाम होते हुए भी आज इस खेल के परिणाम को साधन बना कर भारत को बदनाम कर गैरफायदा उठाने की कोशिश जगजाहेर हो गई हैं।ये वह आस्तीन का सांप हैं जो कभी भी दगाखोरी कर सकता हैं।

     मैच हारने के बाद, हमारे देश के खिलाड़ियों की सोशल मीडिया में ट्रोलिंग हुई हैं ,जिसमे विराट कोहली,रोहित शर्मा आदि के अलावा मोहम्मद शमी की भी ट्रोलिंग हुई हैं ,लेकिन जो सबसे ज्यादा न्यूज में आया हैं वह हैं शमी की ट्रोलिंग।ये सिर्फ यह दिखाने के लिए कि भारत में मुस्लिम मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी का मान कितना हैं।ये एक साजिश हैं ,ये ट्रोलिंग फर्जी हैं ऐसा समाचार में सुना तो इसकी वजह समझ में आया कि ऐसा क्यों हुआ? ये एक ट्रेप हैं जिसमे बड़े बड़े खिलाड़ी भी फंस जाते हैं।सोशल मीडिया में इस समाचार का बहुत ही व्याप कर के भारत और अपने खिलाड़ियों की बदनामी और उसके जरिए उनके खिलाड़ियों की नमना बढाने के अलावा धार्मिक असामंज्यस फैला हमारे देश के धार्मिक ढांचों को अस्तव्यस्त कर देना और उसी के द्वारा हमारे देश में अशांति फैलाने का कार्य किया जा रहा हैं। इसमें हमारे देश के कुछ बद इरादा रखने वाले का–पुरुष भी सम्मिलित हैं।जिन्हे अपने देश के लिए प्यार नहीं हैं क्योंकि अपनी हार का दुःख मनाने के बदले ये पाकिस्तान की जीत की खुशी मना रहे हैं ,उन्हे कैसे इस देश के नागरिक समझा जाएं? वे पटाखे चला के और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारें लगा कर अपने ही देश,जिसमे वह रह रहे हैं,अपनी आजीविका कमा रहे हैं उसी के विरुद्ध में नारे लगा रहें हैं और भारत माता का अपमान कर रहे हैं।

    जैसे दूसरे मामलों में होता रहा हैं वैसे ही इस मामले में भी सब अपनी अपनी राजनैतिक रोटियां सेकनी शुरू कर दी हैं। यहां तक कह रहें हैं कि क्या हुआ अगर पाकिस्तान की जीत में खुशी मना ली।इस मैच की हार और जीत को धार्मिक रंग दे दिया गया हैं।

    सबसे ज्यादा तो गलत अकाउंट से की गई ट्रोलिंग शमी को धार्मिक रंग में रंग दिया गया हैं, यहां तक कि उसे आई एस आई का एजेंट भी बताया गया और अपशब्द भी लिखे गए जिससे उनकी बदनामी हो और देश में उनका सम्मान कम हो जाएं। जिस भी अकाउंट से ट्रोल किया गया हैं वे अकाउंट फेक हैं, न ही  उनके  ज्यादा  फॉलोअर  हैं और सभी अकाउंट्स फालतू हैं।जब कि अपने देश के ब्लू टीक अकाउंट्स से शमी के प्रति सहानुभूति जताने की कोशिश की जा रही हैं। अपने आप को अवार्ड विनिंग बताने वाली हस्तियां भी हैं।जिसे बड़ी खबर बना कर दी गई और सभी खिलाड़ी उसके व्यापक असर हुआ और सभी बड़े खिलाड़ियों ने शमी के पक्ष में सोशल मीडिया में पोस्ट डालनी शुरू करदी,इसमें हमारे पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी भी शामिल हैं।किसी ने भी ये नहीं सोचा कि हकीकत में शमी की ट्रोलिंग हुई हैं या नहीं ?

 यहां तक कि विदेशी अखबारों में भी देश विरोधी बातों का प्रचार करने हेतु लेख छपा कर देश भक्ति के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं।अगर प्रचलित होना हैं तो अपने धर्म के विरुद्ध बोलो,देश के विरुद्ध बोलो तो बड़े नामी व्यक्ति बन जाओगे।

मार्क ट्विन ने कहा हैं कि जबतक सच अपने जूते का फीता बांधता हैं तबतक जूठ पूरी दुनियां का चक्कर लगा लेता हैं।कहां तक ये धर्म के नाम पर, हरेक खेल,हरेक उत्सव,हरेक प्रसंग सभी को बलि चढ़ते रहेगें।

हमारे देश में तो कभी भी किसी का भी धार्मिक या प्रांतीय भेदभाव नहीं रखा जाता हैं, यहां तक कि पाकिस्तानी खिलाड़ी ने आके अपने मीडिया के बारे में नाराजगी दिखाई किंतु उसे भी पूरे सम्मान से सुना गया और उसके देश के बारे में बढ़ा चढ़ा के बोलने पर भी रोका नहीं गया।किंतु उसीकेे देश में लाइव शो में बेइज्जत होके निकलना पड़ा ,यह हैं हमारे देश की शान और इज्जत देने का तरीका।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब हमारे पूर्व कप्तान ने एक बार हमारे सैन्य के कुछ बेज की फोटो वाले ग्लव्स पहने थे तो विरोध हुआ था क्योंकि आंतर राष्ट्रीय नियमों के अनुसार ऐसे कोई भी सिंबल का उपयोग ग्राउंड पर नहीं कर सकते तो  दुबई  के क्रिकेट ग्राउंड पर धार्मिक विधि कैसे होने दी जिसे पूरी दुनियां के करोड़ों प्रेक्षक देख रहे थे,यह भी प्रश्न उठना उचित ही हैं। ये अपने धर्म को सर्वोपरि दिखाने की कवायत थी?एक कहावत हमारे देश के लिए हमेशा ही उचित लगती हैं– गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई।जिसे जी मर्जी आए वही कह जाएं और हम प्रतिरोध नहीं करते ,मामला चाहे राष्ट्रीय हो या आंतर राष्ट्रीय।जय हिंद

जयश्री बिर्मी (Jayshree birmi)
अहमदाबाद


Related Posts

दुखे पेट पीटे सिर

June 24, 2022

 दुखे पेट पीटे सिर Jayshree birmi जम्मू कश्मीर में 370 हटाने से दूसरे कई मुद्दों पर चुप रहने वाले पेट्रोल

इंसानियत कहां हैं?

June 24, 2022

 इंसानियत कहां हैं? Jayshree birmi 25 मई की खबर हैं ये जब इंसानियत की तौहीन कर हैवानियत ने नंगा नाच

आजकल घर की कुल देवी और देवता

June 24, 2022

 आजकल घर की कुल देवी और देवता Jayshree birmi  गर्मियों की छुट्टियों के उपलक्ष में घर में भांति भांति के

बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से खाए!!!!

June 24, 2022

 बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से खाए!!!! अनिता शर्मा #बोया वृक्ष बबूल का तो आम कहाँ से होए

बातचीत करें, बहस नहीं!

June 24, 2022

बातचीत करें, बहस नहीं! डॉ. माध्वी बोरसे! ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोये।औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।।

अनियंत्रित सोशल मीडिया का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है!

June 24, 2022

अनियंत्रित सोशल मीडिया का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है! डॉ. माध्वी बोरसे अनियंत्रित सोशल मीडिया नींद में

Leave a Comment