Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Gujrat me 9 ratein by Jay shree birmi

 गुजरात में नौ रातें  हमारा देश ताहेवारों का देश हैं ,तहवार चाहे हो ,सामाजिक हो या धार्मिक हो हम देशवासी …


 गुजरात में नौ रातें

Gujrat me 9 ratein by Jay shree birmi

 हमारा देश ताहेवारों का देश हैं ,तहवार चाहे हो ,सामाजिक हो या धार्मिक हो हम देशवासी उन्हे अति उत्साह और भाव से मनाते हैं।कई छोटे छोटे तहेवार सभी प्रांत में आते हैं लेकिन ज्यादा उत्साह से हम नौ रात्र और दिवाली ही मानते हैं।पूरे भारत वर्ष में उस्ताव प्रिय गुजरात को ’गरवी गुजरात’ भी कहते हैं।

खास करके गुजरात में नौरात्रियों का ज्यादा महत्व हैं जैसे बंगाल में दुर्गा पूजा वैसे पूरे देश में  मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती हैं।

खूब पूजा –अर्चना और  रात को गरबे करतें हैं जिसमे माताजी की मूरत या फोटो की स्थापना करके,उसके आसपास गोल  घूमके मातारानी के गुण गाते हुए नृत्य करते हैं ।पहले खाली गली मोहल्लों में ही इनका आयोजन होता था किंतु आजकल पार्टी प्लॉट और क्लबों में भी आयोजन होता हैं।

मां को रिझाने के लिये कोई मातारानी ,कोई कहता हैं हम भी आए हैं,साथ भोग लगाया हैं,और अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए बहुत बिनती कर अपने घर बुलाते हैं।”तालियां बजाओ सारे तालियां बजाओं सारे तालियां बाजाओं,खुशियां मनाओं सारे खुशियां मनाओ मेरी मां ने आना”ऐसे गा के मातारानी का आह्वाहन करते हैं।और साथ में हसीं मजाक वाला “सनेडो” जो गुजरात की खास अभिव्यक्ति हैं,बहुत ही लोकप्रिय हैं।युवान– युवतियां और  बच्चे  डीजे जो बजा रहे हैं उसी तन पर खूब नाचतें हैं।एक बार सब को ही इस का आनंद लेना ही चाहिए।साथ में रोज ही नाश्तों का भी इंतजाम होता हैं।और ९मीं के दिन माता रानी का उद्यापन कर विदा कर देते हैं।और अगले बरस नौरातें आए उसीकी आशा से दशहरे के दिन फाफड़ा जलेबी खाने की तैयारी कर देते हैं।

 हमारी सोसायटी में भी यही भव्य आयोजन हुआ और सभी भक्तों ने मातारानी की श्रद्धा पूर्वक आरती कर आराधना की।जय मातारानी की। 

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

भारतीय राजनीति के संत थे ओमप्रकाश- अंकुर सिंह

February 13, 2022

भारतीय राजनीति के संत थे ओमप्रकाश भारतीय राजनीति या चुनावी माहौल में जब-जब ईमानदार और बेदाग राजनीतिज्ञों का जिक्र होगा

तुझे भी हक है-भावना ठाकर ‘भावु’

February 13, 2022

 “तुझे भी हक है” सामाजिक व्यवस्था में स्त्री की भूमिका सबसे अहम् होती है घर का ख़याल रखना, सास-ससुर, पति,

जनमत के चर्चा की प्रवृत्ति-सत्य प्रकाश सिंह

February 13, 2022

जनमत के चर्चा की प्रवृत्ति वर्तमान राजनीतिक चुनावी परिवेश में जनमत एक ऐसी विषयवस्तु है जिसके चारों ओर से आने

जनवरी माह- ममता कुशवाहा

February 13, 2022

जनवरी माह जैसा हम सब जानते हैं जनवरी अंग्रेजी नववर्ष का प्रथम माह होता है और एक नये साल की

महिला सशक्तिकरण-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 13, 2022

महिला सशक्तिकरण महिला सशक्तिकरण तब है जब महिलाओं को अपने निर्णय लेने की स्वतंत्रता हो। उनके लिए क्या सही है

स्वर कोकिला पंचतत्व में विलीन

February 11, 2022

 स्वर कोकिला पंचतत्व में विलीन   भारत ने अपना रत्न खो दिया- यह सरस्वती का स्वर विराम है- पार्थिव शरीर को

Leave a Comment