Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

geet sawan barse sakhi by dr indu kumari

गीत – सावन बरसे सखी  बरसे रे सखी रिमझिम पनिया  चमकै रे सखी मेघ में बिजुरिया।  छमकत रे सखी गांव …


गीत – सावन बरसे सखी 

geet sawan barse sakhi by dr indu kumari

बरसे रे सखी रिमझिम पनिया 

चमकै रे सखी मेघ में बिजुरिया। 

छमकत रे सखी गांव के गौरिया 

आयल रे सखी सावन महिनमा

सावन महिनमा में बरसे बदरिया –

भीगल रे सखी सुन्दर बदनमा -2

सिसक -सिसक के टपकत पनिया 

सिसकत रे सखी कोई जोगनिया 

सावन महिनमा में हुलसै किसनमा –2

रोपल रे सखी हंसि -हंसि

धनमा 

रोपल रे सखी झूमी -झूमी

धनमा 

आयल रे सखी सावन महिनमा

-डॉ इंदु कुमारी 


Related Posts

Maa ki apeksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 “माँ की अपेक्षा” माँ की अपेक्षा बेटी का भविष्य उज्जवल हो। जो जीवन माँ ने जिया, कभी बेटी न जिये।

Aisa jamana ab aa gaya by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 ऐसा ज़माना अब आ गया है अच्छी हो या कि हो फिर बुरी ही, माता-पिता व बुजुर्गों की बात चुपचाप

Hindi divsh by Anita Sharma

October 7, 2021

 विषय-हिन्दी दिवस अभिव्यक्ति की पूर्णता जिस भाषा में होती….. हृदय के उद्गार जिस भाषा में उपजे….. भावनाओं की अभिव्यक्ति जिन

Mai kya likh du by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 मैं क्या लिख दूँ.!!! प्रस्तुत कविता में हो रहा संवाद हमारे और हमारे बेटे के बीच का  है…!! तूनें कहा

Tum kaho to by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 तुम  कहो  तो…!!! तुम  कहो तो महकूँ मैं और चुन लूँ  जिंदगी के चार पल या ख़ुशी से मौन जो

Mausam by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मौसम” मौसम तो बदलते रहते हैं। जीवन में कयी पड़ाव आते रहते हैं। कभी खुशी-कभी गम । प्रकृति के बदलते

Leave a Comment