Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Gazal – kya karu by kaleem Raza

ग़ज़ल – क्या  करू मै  तुम कहो तो अश्क आंखो से गिराऊं क्या बैठकर मै पास हाले दिल सुनाऊं क्या …


ग़ज़ल – क्या  करू मै 

Gazal - kya karu by kaleem Raza

तुम कहो तो अश्क आंखो से गिराऊं क्या
बैठकर मै पास हाले दिल सुनाऊं क्या करू

आग जो तुमने लगाई थी अभी तक जल रही
जलने दूं इसको बता मै या बुझाऊं क्या करू

आज भी रखा है मैंने जो दिया था तूने खत
कुछ समझ आता नहीं इसको जलाऊ क्या करू

जिंदगी में खूबसूरत दिन गुजारे है उन्हे
याद रखूं लम्हे वो या भूल जाऊ क्या करू

काम आएंगी दवाएं इसको ना मेरे कलीम
है मरीज़ ए इश्क ये क्या खिलाऊ क्या करू

                                                  – कलीम रज़ा
                                                  बछरावां रायबरेली यूपी


Related Posts

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

January 15, 2022

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 15, 2022

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian

January 15, 2022

कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा । कह दूं सोहबतों से, मैं

शोषण- चन्दानीता रावत

January 15, 2022

शोषण जागो मानव के मन, जागोशोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़समाज के काले विचारों सेरिश्ता तोडो़, दो जवाब मुड़ कर इनरुढ़िवादी

Leave a Comment