Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Gazal – kya karu by kaleem Raza

ग़ज़ल – क्या  करू मै  तुम कहो तो अश्क आंखो से गिराऊं क्या बैठकर मै पास हाले दिल सुनाऊं क्या …


ग़ज़ल – क्या  करू मै 

Gazal - kya karu by kaleem Raza

तुम कहो तो अश्क आंखो से गिराऊं क्या
बैठकर मै पास हाले दिल सुनाऊं क्या करू

आग जो तुमने लगाई थी अभी तक जल रही
जलने दूं इसको बता मै या बुझाऊं क्या करू

आज भी रखा है मैंने जो दिया था तूने खत
कुछ समझ आता नहीं इसको जलाऊ क्या करू

जिंदगी में खूबसूरत दिन गुजारे है उन्हे
याद रखूं लम्हे वो या भूल जाऊ क्या करू

काम आएंगी दवाएं इसको ना मेरे कलीम
है मरीज़ ए इश्क ये क्या खिलाऊ क्या करू

                                                  – कलीम रज़ा
                                                  बछरावां रायबरेली यूपी


Related Posts

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

क्या गवायां हैं आज

February 7, 2022

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

February 7, 2022

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

February 7, 2022

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश

Leave a Comment