Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Gazal huwa ghatak corona by brijesh sinha

ग़ज़ल  -हुआ घातक करोना, हुआ घातक करोना,यार कब इसको हरायेंगे, | अगर अब भी नहीं सतर्क होये, मारे जाएँगे ||1 …


ग़ज़ल  -हुआ घातक करोना,

kavita huwa ghatak corona by brijesh sinha

हुआ घातक करोना,यार कब इसको हरायेंगे, |

अगर अब भी नहीं सतर्क होये, मारे जाएँगे ||1

हमें खुद को बचाकर दूसरों को भी बचाना है
तो दो गज फासला रख मास्क भी हम लगाएंगे ||2

खुदी सैनिक,बने हम रास्ट्र हमारा ये अपना,है
सियासी प्रहरीयों मिल करोना को भगाएंगे ||3

सियासत को किनारे करके हम सब एक हो जाये
बचेगा ज़ब ये जीवन राज तब ही कर हैँ पाएंगे ||4

बनो पहले मनु तुम बाद में जो चाहे बन जाना
यदी हम बन गये मानव,करोना को हरायेंगे ||5

हैँ जो ये आज का सच वो बनेगा कल हितिहास
करे प्रयत्न मिलकर जंग लड़े तो जीत जाएँगे ||6

उठो जागो,जिम्मेदारी वतन की आज है यारों
किया हमने अगर निश्चय जंग अवश्य जीत जायेंगे ||7

#बृजेश_सिन्हा_सागर_कोटा_राजस्थान


Related Posts

कैलेण्डर बदल जाएगा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

कैलेण्डर बदल जाएगा बदलता आ रहा है जैसेसैंकड़ों सालों सेवैसे ही यह साल भी बदल जाएगा,कुछ यादें खट्टी – मीठीदर्ज

आम जनता का नसीब- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

आम जनता का नसीब आम जनता के लिएधर्मस्थलों पर ईश्वर के दर्शन हेतूप्रक्रिया अलग हैऔर ‘वी.आई.पी.’ के लिए अलग, जनता

सोचो जरा उनके बारे में भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सोचो जरा उनके बारे में भी तुम दुखी होकि इन सर्दियों में महंगीब्रांडेड रजाई नहीं खरीद पाए,जिन्हें मयस्सर नहींकड़कती सर्दी

इंसानियत को बचाओ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

इंसानियत को बचाओ दुनिया मेंकहीं भी हो रहा हो अन्यायतो उसके खिलाफ आवाज उठाओ,रोकने की उसे करो पुरजोर कोशिशेंविरुद्ध उसके

सिखाने की कोशिश करें- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करेंअपने बच्चों को खाना बनाना भीपढ़ाई के साथ-साथ,वरना लाखों के पैकेज पाने वालों

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ ‘तुम्हारा साथ’ मेरे लिएहै एक तरह कीमृगतृष्णा सा,दूर कहीं झिलमिलाताहुआ साबुलाता है मुझे अपने पास,तुम्हारे दुर्निवार

Leave a Comment