Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

antima_singh, poem

Gazal hum tumhare hue tum hamare hue by antima singh

शीर्षक- हम तुम्हारे हुए, तुम हमारे हुए दिल की दरिया को दिल में उतारे हुए,हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए। …


शीर्षक- हम तुम्हारे हुए, तुम हमारे हुए


दिल की दरिया को दिल में उतारे हुए,
हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए।

मौज बन हम किनारे से टकरा गयें,
दिल के तूफां को दिल में सम्भाले हुए।

तुम मेंरी भावनाओं से बंधने लगे,
हम दिवाने ग़ज़ल के तुम्हारे हुए।

आपकी आंच से हम पिघलने लगे,
अपने दिल में मुहब्बत को धारे हुए।

जीना मुश्किल हुआ है बिना आपके,
हम तुम्हारी मुहब्बत के मारे हुए।

रातें कटती नहीं काली नागिन सी ये,
तेरे ख्वाबों में ही तो सकारे हुए।

तुम हुए देवता मन के मंदिर के हो,
हम पुजारी हुए दिल को हारे हुए।

मिल गयी आज सारे जहां की मुहब्बत,
जो ”अंतिम” को तुमसे सहारे मिलें।

अंतिमा सिंह, गोरखपुरी”
सर्वथा स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित रचना


Related Posts

Bhut yad aate ho tum by vijay Lakshmi Pandey

July 23, 2021

 शीर्षक : बहुत याद आते हो “तुम”…!!! ऊँची -ऊँची इमारतें …! शहरों की चहल -पहल , महंगी गाड़ियों की रेलम-रेल

Barish kavita by abhijeet anand bihar

July 23, 2021

शीर्षक – “बारिश”  आज धरा की गुहार है रंग लाई, नीले नभ में घनघोर बदरी छाई, प्रकृति की छटा मनमोहक

Daya kavita by anup kumar verma

July 23, 2021

 शीर्षक – दया  दया धर्म और प्रेम का, रखे नित हम ध्यान।  दया हृदय में रखिए, करे नहीं अभिमान।। करे

Talash kavita by Kalpana kumari Patna

July 23, 2021

 स्वरचित कविता तलाश ——– जाने कैसी डोर बंधी है, चाहूं भी तो छोड़ सकूं ना, मेरे हृदय के तार हो

swarg kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

स्वर्ग सुकर्म को चुनो है अब,    मनःशान्ति सुख मिलता।       स्वर्ग सा आनंद धरा में मिलता,  

chhoti behna kavita by Anita Sharma jhasi

July 23, 2021

 छोटी बहिना एक डाली के फूल थे हम ,     कितने बसंत साथ जिये।         हर

Leave a Comment