Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

gazal-ateet ka geet by abhishek sudhir

 ग़ज़ल :- “अतीत का गीत” आज तुम  पर  कोई  गीत  लिखने  बैठा  हूँ  तुम्हें इस  मन  का   मीत  लिखने   बैठा   हूँ  …


 ग़ज़ल :- “अतीत का गीत”

gazal-ateet ka geet by abhishek sudhir

आज तुम  पर  कोई  गीत  लिखने  बैठा  हूँ 

तुम्हें इस  मन  का   मीत  लिखने   बैठा   हूँ 

बहुत   कम   वक्त   में   निभाई   जो  हमने

आज    मैं   वो   प्रीत    लिखने    बैठा    हूँ 

सुनाने के लिए ही सही,कुछ तो दिया तुमने

अपना  खूबसूरत  अतीत  लिखने  बैठा  हूँ 

कैसे   हुई    ये   ज़माने  को   क्या  मालूम 

मेरी हार और तुम्हारी जीत लिखने  बैठा हूँ 

मोहब्बत  में   क्या-क्या  होते   हैं   फसाने

तुम्हारे जीत पर  वो   रीत  लिखने  बैठा हूँ 

 बहुत  कम   वक्त   में   निभाई  जो  हमने

आज    मैं   वो   प्रीत    लिखने   बैठा   हूँ 

                                 – अभिषेक सुधीर

                                  जिला- आजमगढ़


Related Posts

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम

Leave a Comment