Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

gazal aaj kal shahar me ek fasana sare aam ho gya

ग़ज़ल  आजकल शहर में एक फ़साना सरे आम हो गया, जब से यार मेरा सियासी लोगो का गुलाम हो गया  …


ग़ज़ल 

gazal aaj kal shahar me ek fasana sare aam ho gya

आजकल शहर में एक फ़साना सरे आम हो गया,
जब से यार मेरा सियासी लोगो का गुलाम हो गया 


जमीर बेच दिया उसने थोड़ी सी दौलत की खातिर, 
आज इंसानियत का जज्बा,दौलत के नाम हो गया
 
यह क्या हो रहा आज ज़माने में अख़बार बोलता 
नारी की अस्मत का गहना तो जैसे बेदाम हो गया,
 
इक ईमानदार अफसर परेशान है घर चलाने में 
भर्स्ट बाबू,को देखो कितना वह मालामाल हो गया
 
सियासत की गणित मानवता ख़त्म कर रही अब,
 भोली भाली आवाम को बहकाने का काम हो गया

देखो सियासी खेल न खुदा को छोड़ा न मजहब को,

 कभी हिन्दू.मुस्लिम,कभी मस्जिद मंदिर राम हो गया
  #बृजेश_सिन्हा_सागर_कोटा_राजस्थान


Related Posts

मतदाता जागरूकता पर कविता

March 25, 2022

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे

सुहानी शाम- डॉ इंदु कुमारी

March 25, 2022

सुहानी शाम जिंदगी में सुरमईशाम आ जाएउदासी की समंदर मेंएक उफान आ जाएदुख भरी दिनों में भीसुर्ख होठों परमुस्कान आ

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

March 25, 2022

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

सफर- मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी”

March 25, 2022

सफर “जिंदगी का सफर”पेड़ की छाया जिस तरह इधर से उधर जाती है ।आदमी की जिंदगी भी सुख-दुख में कट

कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी

March 25, 2022

कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

March 25, 2022

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो

Leave a Comment