Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Muhammad Asif Ali, poem

Gawaai Zindagi Jakar Bachhaani Chahiye Thi

Gawaai Zindagi Jakar Bachhaani Chahiye Thi गँवाई ज़िंदगी जाकर बचानी चाहिए थीबुढ़ापे के लिए मुझको जवानी चाहिए थी समंदर भी …


Gawaai Zindagi Jakar Bachhaani Chahiye Thi

गँवाई ज़िंदगी जाकर बचानी चाहिए थी
बुढ़ापे के लिए मुझको जवानी चाहिए थी

समंदर भी यहाँ तूफ़ान से डरता नहीं अब
फ़ज़ाओं में सताने को रवानी चाहिए थी

नज़ाकत से नज़ाकत को हरा सकते नहीं हैं
दिखावट भी दिखावे से दिखानी चाहिए थी

बचाना था अगर ख़ुद को ज़माने की जज़ा से
ख़ला में ज़िंदगी तुझको बितानी चाहिए थी

लगा दो आग हाकिम को जला डालो ज़बाँ से
यही आवाज़ पहले ही उठानी चाहिए थी

हुकूमत चार दिन की है, अना किस काम की फिर
तुझे ‘आसिफ़’ सख़ावत भी दिखानी चाहिए थी

About author

Muhammad Asif Ali
Name – Muhammad Asif Ali
नाम – मुहम्मद आसिफ अली
From – Kashipur, Uttarakhand, India
DOB – 13 March 2001
Website –  https://authorasifkhan.blogspot.com/ 

Description – Muhammad Asif Ali is an Indian poet and author from Kashipur, Uttarakhand, India. He is the founder and CEO of Youtreex Foundation and co-founder of Prizmweb Technologies.


Related Posts

खट्टी मीठी यादें – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

खट्टी मीठी यादें आती है मानस पटल परउभरकर वो सुनहरी यादें प्रेम रस में भीगा -भींगामधुरमय स्नेहिल सौगातें जिनकी यादें

नव वर्ष – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

नव वर्ष नववर्ष तो नववर्ष हैअंग्रेजी हो या हिन्दी मधुमय हो जीवन येनई उल्लास के साथ स्फुरण हो विलक्षण ऐतिहसिक

पैगाम – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

पैगाम ह्रदय को न बंजर होने देनालगाओ प्रेम के पौधे भी स्नेह से सींच -सींच करकेउगाओ प्रेम वाटिका भी मिली

अजीज मेरे- डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

अजीज मेरे अलविदा ना कहना मुझेदिसम्बर की तरह मुझेआती है जनवरी आयेखुशियाँ भी ढेरों लाएं महकती रहे बगिया तेरीचहकती रहे

उड़ान – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

उड़ान हम पंछी है धरा अंबर केसपनों की हम भरे उड़ान स्वच्छंद हो विचरण करूंहै हमें परिधि का ज्ञान जुड़ी

बेनाम- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

बेनाम अन्दर की अच्छाईझलक दे ही जाती है समुद्र की गहराई कोछुपाई नहीं जाती है समझने वाले न होपीड़ा बताई

Leave a Comment