Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Ganeshotsow by da indu kumari

 गणेशोत्सव गणपति बप्पा विघ्न हरता कहलाते है गणेश महोत्सव पूजन कर मनाते है गणेश चतुर्थी पवित्र हिन्दू त्योहार है  श्रद्धा …


 गणेशोत्सव

Ganeshotsow by da indu kumari

गणपति बप्पा विघ्न हरता कहलाते है

गणेश महोत्सव पूजन कर मनाते है

गणेश चतुर्थी पवित्र हिन्दू त्योहार है

 श्रद्धा समर्पण बरसाते बारम्बार है

सब देवों में प्रथम पूजन गणेश की

चतुराई से डेगों से मापा महेश को

तेज वाहन के गर्व को  की चकनाचुर

मूषक वाहन की सूझ-बुझ ने किये

त्रिलोकी भगवान को भी मजबुर

बुद्धि और समृद्धि के भगवान है

भक्तों के ह्रदय में विराजमान है

जहाँ गणेश बुद्धि भी आती  है

दोनों हो जहाँ सिद्धियां आती है

यह पर्व लोगों में एकता लाती है

संकटों को हटा निरसता भगाती है

       गणपति बप्पा मोर्या  

डॉ.इन्दु कुमारी

 हिन्दी विभाग

 मधेपुरा बिहार


Related Posts

सही मात्रा

September 28, 2022

सही मात्रा मर जातें हैं बूंद भरमेंजी लेते हैं पी हलाहललंबी उम्र जी जाते हैंसुन तानों का जहरजहर तेरी फितरत

अदृश्य प्रलय

September 27, 2022

अदृश्य प्रलय चल रहा एक अदृश्य प्रलयजो न जग को दृष्टिमान होता,सब सजग मधु रागिनी मेंसुप्त होता लुप्त होता।तड़ित ने

हौसलों की उड़ान। (Poem)

September 27, 2022

हौसलों की उड़ान। चलो भरे हौसले की उड़ान,पार करें हर इम्तिहान,खुद से वादा करकेकरें स्वयं की बात का सम्मान। हमारा

जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी

September 26, 2022

              कविता(poem) जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी वित्तीय हालत ख़राब है तो क्या हुआ

पापा मैं बोझ नहीं

September 24, 2022

विश्व बालिका दिवस पर विशेष 💓 पापा मैं बोझ नहीं 💓 मम्मी – पापा मैं बेटी हूँ आपकीपर , क्या

पिता के लिए कोई शब्द नहीं

September 22, 2022

कविता पिता के लिए कोई शब्द नहीं पिता की ज्ञानवर्धक बातों को अनुशासन से समझते नहींपिता के लिए कोई शब्द

PreviousNext

Leave a Comment