Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Ganesh ke gun by Jayshree birmi

 गणेश के गुण वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटी समप्रभ। निर्विध्न कुरु मे देव सर्व कार्येशु सर्वदा।।  सिमरो प्रथम गणेश,होंगे पूरे सर्व कार्य …


 गणेश के गुण

Ganesh ke gun by Jayshree birmi

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटी समप्रभ।

निर्विध्न कुरु मे देव सर्व कार्येशु सर्वदा।।

 सिमरो प्रथम गणेश,होंगे पूरे सर्व कार्य विशेष।ऐसे गणपति को सभी सनातनी पूजते हैं,कोई भी देव देवी की पूजा अर्चना होती हैं तो सब से पहले गणपति को पूजा जाता हैं। पुराणों में उनके पहले पूजन के अलग अलग कारण बताएं जाते हैं किंतु एक ही कारण सत्य हैं कि उनकी पूजा से शुरू हुए शुभ कार्यों में विध्न नहीं आएगा।वैसे सभी गणों के स्वामी की पहले पूजा तो बनती ही हैं।शिवजी से हुए उनके युद्ध का दौरान उनका सिर जो कट गया था और हस्तसिर को आरूढ़ किया गया तो पर्वतीजी की बिनती पर शिवजी ने प्रथम पूजनीय होने का वरदान दिया था।

 गणपति जी की छोटी आंखे उनके अवलोकनीय स्वभाव को दर्शाता हैं,बड़े बड़े कान धीरज से सुनने की क्षमता दर्शाता हैं,बड़ा सा पेट सभी की सुनी बातों का अपने तक ही संग्रह करने की क्षमता दर्शाता हैं।

 तीव्र बुद्धिमान ,सभी वेदों के ज्ञाता गणपति को व्यास मुनि ने महाभारत लिखने का दायित्व दिया तो उन्हों ने अपने एक दांत तोड़ कलम बना कर खूब धैर्य पूर्वक अपना कार्य किया।वे ओमकार के स्वरूप हैं।

  उनकी दो पत्नियां थीं ,रिद्धि और सिद्धि और दोनो पुत्र लाभ और शुभ को भी उतने ही पूजे जाते हैं जितने गणेश को।

 व्यापार के हिसाब की किताबों में भी उपर जय गणेश और नीचे की और दाएं बाएं लाभ शुभ को स्थान मिला हैं।

गणपति उपासक मोरया की भक्ति से प्रसन्न हो उन्होंने उसे अपने नाम के साथ स्थान दिया हैं।

विश्व रूप देवता गणेश अष्टविनायक मंदिरों में स्वयं भू हैं,उनकी मूर्ति नहीं बनाई गई हैं तो उनका स्वरूप दूसरे मंदिरों जैसे नहीं हैं किंतु आस्था के इस स्वरूप को कोटि कोटि प्रणाम।

जयश्री बिरमी
निवृत्त शिक्षिका
अहमदाबाद


Related Posts

अपनी किस्मत अपने हाथ!

April 20, 2022

अपनी किस्मत अपने हाथ! जुआरी करते हैं,किस्मत की आजमाइश,निकम्मे करते हैं,बैठे-बैठे फरमाइश,पर जीवन की हकीकत,परिश्रम करने से ही होती हैपूरी,

भारत की गाथा

April 20, 2022

भारत की गाथा प्रधानमंत्री संग्रहालय – स्वतंत्रता के बाद सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन और योगदान पर लिखी भारत की गाथा

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है

April 20, 2022

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है देश की बुनियादी नीव अमन चैन, सौहार्दपूर्ण वातावरण, भाईचारा तात्कालिक

आजकल संतति से विमुख हो रहे हैं युवा

April 20, 2022

आजकल संतति से विमुख हो रहे हैं युवा जब हम लोग छोटे थे तो सभी घरों में एक ही रिवाज

चीन-पाकिस्तान से निपटने के लिए हमें सीमाओं को मजबूत रखना होगा।

April 20, 2022

चीन-पाकिस्तान से निपटने के लिए हमें सीमाओं को मजबूत रखना होगा। 1970 और 80 के दशक में चीन और पाकिस्तान

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज-सत्य प्रकाश सिंह

April 18, 2022

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज वर्तमान लोकतंत्र को आधुनिक काल में शासन के सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में देखा जा रहा

Leave a Comment