Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Gandhi ek soch by mahesh ojha

गांधी : एक सोच अटल विश्वास शान्ति प्रेम क्षमा और सत्य के मूरत, कहा सुभाष ने बापू जिन्हें अपने सम्बोधन …


गांधी : एक सोच

Gandhi ek soch by mahesh ojha

अटल विश्वास शान्ति प्रेम क्षमा और सत्य के मूरत,

कहा सुभाष ने बापू जिन्हें अपने सम्बोधन में।

बने थे संत जो जग में बिना जपकर कोई माला,

चलो सन्मार्ग पर चलते हैं उनके पथ प्रदर्शन में॥

अहिंसा धर्म था उनका इबादत सत्य का करते,

अद्यतन हर विषय पर और नियंत्रण खुद पे थे करते।

सामंजस्य सोच कथनी और करनी से थे होते खुश,

क्षमा है गुण शक्तिमान का कमजोर हैं लड़ते॥

कहें बापू बने है धारणा से कोई भी विचार,

विचारों से बने हैं शब्द, शब्दों से बने हैं चाल।

बने हैं चाल से स्वभाव, स्वभावों से बढ़े हैं मान,

है मिलती मान से प्रारब्ध जीवन को करे साकार॥

है जीवन का यही महत्व करता जा तू कुछ प्यारे,

नहीं है ग़ैर जग में कोई सहोदर भाई हैं सारे।

बंटे ना भेष भाषा रंग देश जाति में मज़हब,

चलो ऐलान करो रहेंगे और थे एक हैं सारे

महेश ओझा
गोरखपुर


Related Posts

kavita meri kavitaon mein jitendra kabir

May 31, 2021

मेरी कविताओं में… मेरी कविताओं में है… तुमसे जो मिली थी पहली नजर और उसके बाद निहार पाया तुम्हें जितना

Gazal – kya karu by kaleem Raza

May 31, 2021

ग़ज़ल – क्या  करू मै  तुम कहो तो अश्क आंखो से गिराऊं क्या बैठकर मै पास हाले दिल सुनाऊं क्या

kavita Dhairya na khona tum. samunder singh

May 31, 2021

कविता – धैर्य न खोना तुम आँसू से मुँह न धोना तुम। जीवन में धैर्य न खोना तुम।हर दिन सपने

kavita samay mansa wacha up.

May 31, 2021

  कविता – समय बुरे समय में साथ छोड़ने का बहाना ढूंढने वाले और साथ निभाने का बहाना ढूंढने वाले

kavita-vo vyakti pita kahlata hai chanchal krishnavanshi

May 31, 2021

वो व्यक्ति पिता कहलाता है! ख़ुद के सुख को कर न्योछावर बच्चों पर खुशियां लुटाता है बार बार संतान जो

kavita Roti mosam khan alwar rajasthan

May 30, 2021

  कविता -रोटी                                         

Leave a Comment