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G-20 -one world one family

भारत के विकास की नई गाथा भारत के विकास की नई गाथा में आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम …


भारत के विकास की नई गाथा

भारत के विकास की नई गाथा में आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम आदमी के जीवन की ज़रूरत भी जुड़ी है सराहनीय विचार – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत के जी-20 के 1 दिसंबर से 30नवंबर 2023 के एक वर्ष के कार्यकाल पर उत्सुकता से नज़र लगी रहेगी क्योंकि दुनिया वर्तमान भारत के विकास की नई गाथा का पूर्वानुमान कर समझ रहा है कि किस तरह अगले आने वाले 25 वर्षों का रोडमैप बनाया गया है और विज़न 2040 विज़न 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था सहित अनेकों लक्षों पर तीव्रता से कुछल नेतृत्व में रणनीतिक रोड मैप पथ पथ कदम बढ़ाकर कार्य किया जा रहा है। अभी माननीय पीएम 14 -16 नवंबर 2022 को इंडोनेशिया के बाली दौरे पर सबकी नजरें लगी है, जहां अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार ने भी कहा जो वाइडन भारतीय पीएम से मिलने के लिए उत्सुक हैं, जिसकी हेडलाइंस हम टीवी चैनलों पर भी देख रहे हैं। बता दें कि भारत जिस जी-20 मंच की अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है वह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है जहां सकल घरेलू उत्पाद का पचासी फ़ीसदी,वैश्विक व्यापार का 75 फ़ीसदी से अधिक और विश्व की आबादी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा इन 20 देशों से संबंधित है।बाली में हमारे राजदूत ने सच कहा कि,भारत इंडोनेशिया से जी 20 की प्रीजिडेंसी लेने वाला है। भारत ने ‘वन वर्ल्ड-वन फैमिली-वन फ्यूचर’ का नारा दिया है। जी-20 की प्रेसिडेंसी के दौरान भारत के पास सुनहरा मौका है दुनिया को बताने का कि अब फर्स्ट वर्ड और थर्ड वर्ल्ड का कॉन्सेप्ट ही ना रहे बल्कि एक ही वर्ल्ड हो एक ही दुनिया हो इसके लिए भारत काम कर रहा है। चूंकि हम जी-20 की आज अध्यक्षता ग्रहण कर रहे हैं, इसीलिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पीआईबी में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से हम चर्चा करेंगे कि भारत के विकास की नई गाथा।
साथियों बात अगर हम एक कार्यक्रम में माननीय पीएम के संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा भारत दुनिया की उम्मीदों का केन्द्र बिन्दु बन गया है क्योंकि हम विकास की नयी गाथा लिख रहे हैं। ऐसे में, जब कई देश संघर्ष कर रहे हैं, दुनिया बहुत उत्सुकता से हमारी ओर देख रही है। कुछ देश आवश्यक वस्तुओं की कमी का, तो कुछ देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। लगभग हर देश अपनी अस्थिर अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित है। पूरी दुनिया में निराशा के माहौल के बीच भारत प्रत्येक क्षेत्र में नयी ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा, यह इसलिए संभव हुआ है कि भारत अपने नागरिकों की उम्मीदों और जरूरतों को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए काम कर रहा है। हमारी प्रत्येक नीति, प्रत्येक फैसले का लक्ष्य आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाना है। आजादी के अमृत काल’ में देश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।इसअमृतकाल में भारत विकसित देश बनने के उद्देश्य के साथ विकास-पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास पथ को बहुआयामी बताते हुए पीएम ने कहा कि इसका पूरा ध्यान आम नागरिक की आवश्यकताओं व जरूरतों पर है तथा यह उन्नत अवसंरचना के लिए एक रोडमैप भी पेश करता है। उन्होंने समावेशी उन्नति के लिए सरकार की परिकल्पना को रेखांकित किया। उन्होंने पिछली सरकारों द्वारा अवसंरचना विकास के प्रति एकांगी समझ रखने पर अफसोस व्यक्त किया, जिसके कारण लॉजिस्टिक खर्चों में बढ़ोतरी हुई और आपूर्ति श्रृंखला कमजोर हुई। उन्होंने बताया कि सरकार ने अवसंरचना विकास के प्रति नई समझ अपनाई है, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला तथा लॉजिस्टिक्स बहुविधकनेक्टीविटी पर आश्रित होती है। इसके साथ ही विकास के प्रति एकीकृत नजरिया अपनाने की भी जरूरत होती है। विकास की यह यात्रा बहुआयामी है। इसमें आम आदमी के जीवन की जरूरतें भी जुड़ी हुई हैं तथा बेहतर और आधुनिक बुनियादी ढांचा का निर्माण भी शामिल है। बुनियादी ढांचे पर अलग-अलग विचारों के चलते देश को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा,समन्वित विचार के साथ बुनियादी ढांचे का विकास पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय कार्य योजना के जरिये संभव हुआ है। इसने न केवल विकास को गति दी है,बल्किपरियोजनाओं की लागत भी घटा दी है। आज देश ‘नीली अर्थव्यवस्था’ (समुद्री अर्थव्यवस्था) से जुड़ी अनंत संभावनाओं को साकार करने के लिए भी बड़े स्तर पर प्रयास कर रहा है। नीली अर्थव्यवस्था पहली बार देश की इतनी बड़ी प्राथमिकता बनी है।
साथियों बात अगर हम व्यापार उद्योग मंत्री के एक कार्यक्रम में संबोधन की करें तो उन्होंने भी कहा कि राजनीतिकजगत और व्यापार जगत दोनों में, अब हर कोई भारत की कहानी कोस्वीकार करता है। इस पर विस्तार से, उन्होंने कहा कि भारत की कहानी बहुत सकारात्मक मानसिकता दिखाती है, एक अरब से अधिक लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाती है जो अपने लिए एक बेहतर जीवन चाहते हैं। यह कहानी केवल आर्थिक विकास तक ही सीमित नहीं है, यह राजनीतिक स्थिरता को भी दर्शाती है, जिसका भ्रष्टाचार मुक्त समाज पर भारी जोर है। भारत दुनिया का एक उज्ज्वल स्थान है, जो न केवल एक अरब से अधिक लोगों के जीवन में सुधार करेगा, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था को भी मदद करेगा। दुनिया न केवल अपने आर्थिक विकास और भारत के बाजार के लिए, बल्कि भारत के जनसांख्यिकीय लाभ और विशाल प्रतिभा पूल के लिए भी भारत पर निर्भर है। उनका मानना है कि भारत अगले 25 वर्षों में एक वैश्विक महाशक्ति बनने जा रहा है। एक आधिकारिक सूत्र ने मीडिया में बताया कि पीएम का बाली का व्यस्त औरसार्थक दौरा होगा। इससे पहले विदेश सचिवने बताया था कि पीएम बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के तीन प्रमुख सत्रों- खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य-में भाग लेंगे। पीएम के इंडोनेशिया के बाली में लगभग 45 घंटे के प्रवास के दौरान लगभग 20 कार्यक्रम हैं, जहां वह जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे वरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि वन वर्ल्ड वन फैमिली वन फ्यूचर भारत के विकास की नई गाथामें आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम आदमी के जीवन की ज़रूरत भी जुड़ी हुई है, सराहनीय विचार है।

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Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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