Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

ekakai pal kavita by anita sharma jhasi

*एकाकी पल* वीरानियो में भी सबक मिलते हैं। जिन्दगी के तजुर्बे -सलीके मिलते हैं।। वहीं शान्ति से खुद को समझूँ …


*एकाकी पल*

ekakai pal kavita by anita sharma jhasi

वीरानियो में भी सबक मिलते हैं।

जिन्दगी के तजुर्बे -सलीके मिलते हैं।।

वहीं शान्ति से खुद को समझूँ ।

आत्ममंथन करूँ एकान्त स्वतःमें।।

अपने में खोई हुई थी अब तक।

अब अपनेआप से मिलन हुआ।।

जी रही थी भीड़ में खोकर खुदको ।

समय के साथ -साथ चलते हुए।।

आज एकाकी पल वीरानों में ।

अद्भुत शान्ति का अहसास हुआ।।

एकान्त शून्य शान्ति विश्राम की ,

दे रही अद्भुत अदृश्य संदेश ।

है राह मगर कठिन एकाकी जीवन की ,

लेकिन भर देती अभिभूत शान्ति।

-अनिता शर्मा झाँसी—

–स्वरचित रचना —


Related Posts

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि

दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

विजय दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

विजय दिवस शुरू हुआ जो युद्ध तीन दिसंबर उन्नीस सौ इकहत्तर कोभारत पाकिस्तान के बीच मेंछुडा़ रहे थे सैनिक भारत

काम की कीमत है इंसान की नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 17, 2021

काम की कीमत है इंसान की नहीं बेकारी, बेरोजगारी के दिनों मेंना कमाने का तानाजब तब मार देने वाले घरवाले,इंसान

Leave a Comment